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(फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में रविवार को घुसने की कोशिश करने वाले एक युवक को सुरक्षाकर्मियों ने गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। घटना स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 1:30 बजे हुई। राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी सीक्रेट सर्विस ने बताया कि एक शख्स गैरकानूनी तरीके से सुरक्षित इलाके में घुसने की कोशिश की, तो सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने उसे गोली मार दी।
सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, युवक शॉटगन और फ्यूल कैन लेकर आया था। मारे गए युवक की उम्र 20 साल थी, वह नॉर्थ कैरोलीना का रहने वाला था। फिलहाल उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है। घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस में मौजूद थे। आमतौर पर वह वीकेंड पर मार-ए-लागो में समय बिताते हैं।

अधिकारियों ने युवक से बरामद हुई शॉटगन की एक तस्वीर जारी की है। इसमें एक लाल फ्यूल कैन भी नजर आ रहा है।
सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रिसॉर्ट के नॉर्थ गेट से एक कार के बाहर निकल रही थी, इसी दौरान युवक ने अंदर घुसने की कोशिश की। उसके पास शॉटगन और फ्यूल कैन था। सीक्रेट सर्विस के दो एजेंट्स ने उसे रोका और उससे हथियार और कैन गिराने को कहा गया। युवक ने कैन तो रख दिया, लेकिन शॉटगन को गोली चलाने की पॉजीशन में उठा लिया।
इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने गोली चलाई और वह मारा गया। जांच में पता चला कि उसके परिवार ने कुछ दिन पहले उसे लापता होने की रिपोर्ट की थी। वह नॉर्थ कैरोलीना से साउथ की ओर आया था और रास्ते में शॉटगन खरीदा। उसकी कार में गन का डिब्बा मिला है।ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हो चुकी है। 13 जुलाई 2024 में ट्रम्प को एक रैली के दौरान एक हमलावर ने गोली मार दी थी। उस वक्त वे राष्ट्रपति नहीं थे। उन पर यह हमला राष्ट्रपति चुनाव से ठीक 4 महीने पहले हुआ था।
20 साल के हमलावर ने 400 फीट की दूरी से ट्रम्प पर असॉल्ट राइफल से गोली चलाई थी। यह गोली उनके कान को छूते हुए गुजरी थी। इसके बाद ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया था।

ट्रम्प को गोली लगने के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने कवर कर लिया। उनकी हाथ उठाते हुए यह तस्वीर दुनियाभर में वायरल हुई थी।
ट्रम्प के रिसॉर्ट में बिना कार्ड यहां एंट्री नहीं होती है। इसकी लाइफटाइम मेंबरशिप फीस 8.50 करोड़ रुपए है। पैसा होने पर भी सभी को मेंबरशिप नहीं मिलती है। इसके लिए पहले उसकी हिस्ट्री चेक होती है। मसलन बैंक अकाउंट डिटेल, सोशल स्टेट्स और फैमिली बैकग्राउंड। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में दुनिया भर के अमीर लोग इसके लिए अप्लाई करते हैं, लेकिन कुछ को ही मेंबरशिप मिलती है। रिफ में बदलाव से भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बैठक टली:इसमें भारत पर 18% टैरिफ लगना था, अब ट्रम्प ने खुद ही ग्लोबल टैरिफ 15% किया

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) को लेकर होने वाली बैठक टल गई है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी। बैठक 23-26 फरवरी को वॉशिंगटन में होनी थी। दरअसल समझौते में भारत को 18% टैरिफ देना था, लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सभी ग्लोबल टैरिफ रद्द कर दिए थे।

