एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
यूएसए की युवती से दुष्कर्म के मामले में जिला अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को आरोपी ऑटो चालक बलदेव सिंह को 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 41 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोषी बलदेव सिंह पटियाला (पंजाब) का रहने वाला है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की एडिशनल एंड सेशन जज स्वाति सहगल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी का अपराध माफी के काबिल नहीं है। इस मामले में बलदेव का दोस्त लक्की भी आरोपी है और सात साल से फरार है। मंगलवार को अदालत ने बलदेव को दोषी करार दिया था और फैसला सुरक्षित रख लिया था। वर्ष 2015 में बलदेव और उसके दोस्त लक्की ने खरड़ के एक घर में यूएसए निवासी महिला से दुष्कर्म किया था।
अमेरिका से भेजी थी मेडिकल रिपोर्ट एवं शिकायत
एक साल बाद वर्ष 2016 में युवती ने अमेरिका से ही अपनी मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत चंडीगढ़ पुलिस को भेजी थी। मामला सेक्टर-17 महिला थाना पुलिस सौंपा गया था। घटना के 2 साल बाद वर्ष 2017 में लुधियाना से बलदेव सिंह की गिरफ्तारी हुई थी।
युवती ने ही दिया था सुराग
पीड़ित युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत घूमने आई थी। हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने के बाद वह चंडीगढ़ घूमना चाहती थी। चंडीगढ़ के बाद उसे फ्रांस जाना था। 17 अप्रैल 2015 की रात वह चंडीगढ़ पहुंची और होटल लेने के लिए आईएसबीटी सेक्टर-17 के बस स्टैंड से ऑटो पकड़ा। युवती ने बताया कि किस प्रकार ऑटो चालक उसे होटल दिलवाने के बहाने इधर-उधर घुमाता रहा और होटल नहीं मिलने पर अपने साथ खरड़ ले गया। वहां उसने अपने कमरे में अपने साथी के साथ उसके साथ दुष्कर्म किया।
कुरुक्षेत्र के व्यक्ति को बताई आपबीती
युवती ने बलदेव सिंह के ऑटो में बैठने से पहले कुरुक्षेत्र के अपने एक दोस्त से बात की थी। वारदात के बाद युवती फ्रांस पहुंची और पूरी घटना कुरुक्षेत्र के व्यक्ति को बताई। पेरिस में पीड़ित युवती ने अपना मेडिकल करवाया और वहां से वह यूएसए चली गई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोप तय किया। युवती ने विदेश से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करवाए थे।

