एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
आए दिन अपने विवादित बयान को लेकर खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह चर्चा में रहता हैं। लेकिन, इस बार पंजाब पुलिस उसके विवादित बयान के कारण हिंसा फैलाने जैसे घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक्शन मोड़ पर आ चुकी हैं। पंजाब पुलिस निदेशक आईपीएस गौरव यादव ने जालंधर में हुई तोड़फोड़ को लेकर गंभीरता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि अगर किसी प्रकार से अमृतपाल सिंह के खिलाफ कोई संलिप्तता सामने आती है तो कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाए।
दरअसल, अमृतपाल सिंह सोशल मीडिया में काफी विवादित बयान देता है, अक्सर उसके द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने की बात सामने आती हैं। पिछले समय विपक्ष से लेकर कई संगठनों ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई। लेकिन, यह बात भी सामने आई कि सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े मंत्रियों को इस मामले से संबंधित सवाल मीडिया ने किए तो कोई उचित जवाब नहीं मिल सका।
चूंकि, अमृतपाल सिंह के विवादित बयान पंजाब का माहौल खराब करने की फिराक में लगे है, इसलिए राज्य पुलिस ने भी अमृतपाल सिंह के हर बयान तथा कानून विरोधी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
जालंधर में श्री गुरुद्वारा साहिब में पिछले दिनों एक बेअदबी की घटना सामने आई। इस मामले में पुलिस तथा प्रशासन द्वारा कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर अमृतपाल का बयान सामने आया। उस बयान से उत्तेजित होकर कुछ सिख संगठन से ताल्लुक रखने वालों ने जालंधर में तोड़फोड़ की। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए कुछ को पकड़ लिया तथा उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई भी कर दी।
कभी भी अमृतपाल के खिलाफ दर्ज हो सकता केस
पंजाब पुलिस निदेशक आईपीएस गौरव यादव ने जालंधर पुलिस को तोड़फोड़ करने वाले तथा साजिश के पीछे बेनकाब करने के आदेश दे दिए। उससे एक बात साफ साबित हो जाती है कि पुलिस कभी भी अमृतपाल सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। हालांकि, अमृतपाल सिंह हमेशा सार्वजनिक तौर प्रशासन तथा पुलिस को चेतावनी दे चुका है कि चाहे उसके खिलाफ केस दर्ज कर लो, वह डरता नहीं।

