एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
चौथे दिन गुरुवार को सदन में गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड गूंजा। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों को अकाली दल का साथ मिला और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के बयान के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों दलों के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
सोशल मीडिया में जानकारी नहीं करनी चाहिए थी साझा
खैरा ने कहा कि सुरक्षा हटाए जाने के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा नहीं की जानी चाहिए थी। इस पर सरकार के बचाव में उतरे कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि ‘हमारा काम बोलता है और अभी हम पिछली सरकारों के बोए कांटे चुन रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इस मामले में 40 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें 29 को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं।
‘क्या दो महीने में ही गैंगस्टर पैदा हुए हैं?
अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि ‘क्या दो महीने में ही गैंगस्टर पैदा हुए हैं? शूटर कहां से आए? कई शूटर 18 साल से कम उम्र के हैं और पड़ोसी राज्य हरियाणा से आकर यहां वारदात कर लौट जाते हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस तरह के मुद्दे उठाकर पंजाब का माहौल खराब कर रहा है। तब, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह सुरक्षा में गंभीर चूक है। सुरक्षा घटाने की बात सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के बाद मूसेवाला की हत्या की गई। जवाब में अमन अरोड़ा ने कहा, ‘मूसेवाला की पूरी सुरक्षा नहीं हटाई गई थी बल्कि उनके पास दो गार्ड थे और बुलेट प्रूफ गाड़ी थी लेकिन घटना वाले दिन मूसेवाला उन्हें साथ लेकर नहीं गए।’ राजा वड़िंग ने कहा कि मूसेवाला के माता-पिता जिन लोगों के नाम बता रहे हैं, उन्हें हत्याकांड में नामजद किया जाना चाहिए।
सदन में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी
इसके बाद, आप विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि मूसेवाला के पिता की मुख्यमंत्री से 20 मार्च को मुलाकात कराई जाएगी। राजा वड़िंग ने कहा कि वह ऐसा नहीं कह रहे कि सरकार ने मूसेवाला की हत्या कराई है। वह केवल उन लोगों को नामजद करने की मांग कर रहे हैं जिन्होंने मूसेवाला की सुरक्षा घटाने की बात सार्वजनिक की। इस पर धालीवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए राजा वड़िंग से अपने शब्द वापस लेने की मांग करते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

