जिसने बुराई के खिलाफ आवाज उठाई, उक्त पत्रकार भारद्वाज खुद की लड़ाई में लड़खड़ाया, कानून-न्यायालय हुई कमजोर

प्रतीकात्मक तस्वीर

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।  

वर्ष 2018 जालंधर में बम धमाका हुआ। इस केस से जुड़े तथ्यों को देशभर की मीडिया से प्रसारित किया। लेकिन, जालंधर में रहने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार अमित भारद्वाज को इस मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाना, उस समय महंगा पड़ गया, जब इस केस के तार एक अधिवक्ता से जुड़ने लगे, जिसे उक्त पत्रकार ने अपने वेबसाइट में प्रकाशित किया तो वह भड़क उठा। फोन पर धमकाने लगा कि उक्त खबर को वहां से हटाया जाए, अन्यथा अच्छा नहीं होगा। इतना ही नहीं , इस खबर को अन्य पत्रकारों ने भी अपने अलग-अलग अखबारों में सुर्खियां बनाया। आरोप लगाए कि उक्त अधिवक्ता ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए, उन्हें झूठे केस में फंसा दिया, लेकिन, न्यायालय में यह सब केस खारिज हो चुके हैं तथा उसके खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद कानून उक्त अधिवक्ता को पकड़ने में नाकाम रहा हैं।

आरोप लगाए कि , जिला पुलिस उसे थाना में बुलाती है तथा उन्हें केस वापिस लेने के लिए दबाव बना रही हैं। कानून से लेकर न्यायालय भी, उनकी बात को नहीं मानने के आरोप लग रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि उक्त व्यक्ति की वजह से वह अपने पिता को खो चुके हैं। उनके खिलाफ भी उक्त व्यक्ति ने झूठे केस डलवा दिए। जिन्होंने कभी अदालत की सूरत तक नहीं देखी थी, वह भी अदालत के चक्कर काटते रहे। हालांकि , अदालत ने उन्हें उक्त झूठे मामलों में बरी कर दिया था। लेकिन, उन्हें अंतिम समय तक न्यायालय के चक्कर काटने पड़े। 

यह था पूरा प्रकरण 

पीड़ित पत्रकार अमित भरद्वाज से हमने बात की तो उन्होंने बताया की साल 2018 में एक बम ब्लास्ट से जुडी खबर चलाई, बम बनाने वाले को अपने गेस्ट हाउस में छुपाने या यु कहें की किराय पे कमरा देने वाला, नया-नया वकील बना था, खबर चलाने वाली रात को ही मुझे फ़ोन करके खबर डिलीट करने की धमकी दी की खबर को डिलीट करो वरना मंहगा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब खबर डिलीट नहीं की तो कुछ दिन चुप रहा फिर जब साल 2019 के शुरुआत में कुछ अन्य पत्रकारों ने उक्त गेस्ट हाउस के खिलाफ खबर चला दी तो उन पत्रकारों के साथ मुझे भी फ़साने की साजिश रच डाली।


सभी झूठी शिकयतें डाली


वरिष्ठ पत्रकार अमित कहते है की उक्त नए बने वकील ने नाजाने कितनी झूठी शिकायतें जालंधर पुलिस के पोर्टल पर डाल दी। इन शिकायतों की वजह से पूरे जालंधर की पुलिस अपना सब काम काज छोड़ कर मेरे पीछे पड़ गई, लगभग 4 साल सबूत देते देते थक गए तब जाके कुछ शिकायते बंद हुई, लगभग पूरे जालंधर के हर थाने से 4 साल मैं धमकिया सहन करता रहा। 


विज्ञापन दाताओं को फर्जी नोटिस भेजे


नए बने वकील ने जिस समाचार वेबसाइट को मैं खबर दिया करता था उसपे दिए गए सभी विज्ञापन दाताओं को फर्जी नोटिस भेज कर वेबसाइट को आर्थिक तौर पर खत्म कर दिया, एक विज्ञापन देने वाले ऐसे भी थे जिन्होंने इस नए बने वकील के सामने घुटने नहीं टेके और ब्लैकमेल होने से मना कर दिया, इसके बाद उक्त व्यक्ति ने इस विज्ञापनदाता के खिलाफ बहुत सारी झूठी शिकायत पुलिस को दी, जिसके बाद जब पुलिस उक्त व्यक्ति को तंग परेशान करने लगी तो उन्होंने हमें कहा की विज्ञापन हटा दिया जाये।

पिता को किया गया बार-बार प्रताड़ित


मेरे बुजुर्ग पिता पर जालंधर के एक अनजान व्यक्ति जो खुदको पत्रकार कहता है से एक फर्जी मुकदमा जालंधर की अदालत में इस नए बने वकील ने करवा उन्हें बहुत तंग करवाया, उन्हें बार-बार कचहरी जाना पड़ता, वकील करना पड़ा,  इस सबके इलावा मेरे पिता को बहुत बार पुलिस सिविल ड्रेस में आके खूब तंग परेशान करती पर उन्होंने कभी कुछ बोलना तक ठीक नहीं समझा और बात अपने मन में ही दबाये रखी, इस नए बने वकील ने एक झूठी शिकायत पंजाब पुलिस की आईटी सेल मोहाली में मेरे पिता के खिलाफ भी डाल दी इस मामले में भी पुलिस ने हमे फ़ोन करके तंग किया, साल 2022 आते आते मेरे पिता दुनिया से चले गए।


साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई


एक अन्य व्यक्ति को फर्जी शिकायतर्ता बना कर खड़ा करके मेरे खिलाफ भी साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, मुझे जालंधर से चंडीगढ़  बार-बार बुलाया जाता, पूरा दिन भूखा प्यासा रखा जाता और शाम को वापिस भेज दिया जाता, उक्त समाचार वेबसाइट जिस व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही थी, उसे इतना डरा दिया गया की वो वेबसाइट मुझे देकर निकल गया और आजतक मुलाकात तक नहीं हुई।


ये मुकद्दमा ख़ारिज हुआ


एक झूठा शिकायत करता बना कर जालंधर की अदालत में एक केस डाला गया की मुझे लिखने से रोक दिया जाये इस मुकद्दमे को लड़ने के लिए मुझे अलग से वकील करना पड़ा, लगभग तीन साल चलने के बाद ये मुकद्दमा ख़ारिज हुआ।

इस सबके इलावा नए बने वकील ने जालंधर की अदालतों में कुछ झूठे आपराधिक मुक़दमे मेरे पर डाल दिए जो आज तक चल रहे हैं इन मुक्कदमों के मामले में जालंधर पुलिस लम्बे समय से मुझे तंग कर रही है 4 साल आर्थिक तौर पर ताबड़तोड़ गैरकानूनी ढंग से हमले किये गए की मैं अपने अकेले के खर्चे चलाने में सक्षम नहीं रहा।


बार-बार रामामंडी पुलिस बुला रही थाना


पिछले कुछ दिनों से जालंधर की रमा मंडी थाने की पुलिस मुझे बार बार थाने बुला के उकसाती है ताकि मैं कुछ गलती करू तो मेरे खिलाफ कोई फर्जी मामला बना सके, पुलिस कोशिश कर रही है  ताकि एक बार फिर से मेरी आर्थिक रीढ़ को तोड़ सके और मेरी आवाज़ को हमेशा के लिए दफ़न कर सके, वो बात अलग है की इन चार सालों की प्रताड़ना झेलने के दौरान मेरे पास कोई ख़ास काम नहीं बचा है मैं जैसे तैसे करके अपने खर्चे बड़ी मुश्किल से चला पा रहा हु, अब ऐसा लगता है की पुलिस इस नए बने ठग वकील के इशारे पे मेरे ऊपर एक और आर्थिक चोट पहुंचाने की फिराक में है, पुलिस जो चाहे करले मेरी जेब में अब कुछ बचा ही नहीं है तो हमला करेगी कहाँ


अपील

वरिष्ठ पत्रकार अमित भारद्वाज ने सभी मीडिया जगत से जुड़े पत्रकारों से अनुरोध किया है कि अब समय आ गया है कि हम इकट्ठा हो जाए, क्योंकि , मीडिया को दबाने का हर प्रयास किया जा रहा हैं। खासकर, सच की आवाज बुलंद करने वाले पत्रकारों के साथ आए दिन धक्केशाही की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 4 साल से झूठे लोगों द्वारा प्रताड़ित किए जा रहे हैं। कोई उनकी आवाज के लिए खड़ा नहीं हो रहा हैं। अब समय आ चुका है कि हम सब को इकट्ठा होकर बुराई के खिलाफ आवाज उठानी होगी। अगर, अब भी हम सब इकट्ठा नहीं हुए तो आने वाले दिनों में पत्रकारिता करना समाज में असंभव हो जाएगा। प्रतीकात्मक तस्वीर

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