वरिष्ठ पत्रकार.विजय शर्मा.चंडीगढ़।
पंजाब पुलिस ने कहा कि अमृतपाल सिंह को उनकी टीम ने गिरफ्तार किया। वह आत्मसमर्पण की बात को नजरअंदाज कर रहे हैं। इस बात की पुष्टि आईजी पुलिस सुखचैन सिंह गिल ने की। अमृतपाल सिंह पिछले 36 दिन से भगौड़ा था। गिरफ्तारी 7 बजे की करीब बताई जा रही हैं। भिंडरावाला के भतीजे को अमृतपाल ने संदेश भेजा था कि वह उनके पैतृक गांव रोडे से सरेंडर करना चाहता हैं। फिलहाल, इस मामले में पुलिस तथा भिंडरावाला की अपनी-अपनी थियौरी बयां कर रहे हैं। 35 दिनों से भगोड़े चल रहे खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को रविवार सुबह गांव रोडे से 6 बजकर 45 मिनट पर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पंजाब पुलिस के आईजी सुखचैन सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि की।
पुलिस ने शांति-सौहार्द बनाए रखने की अपील की
उन्होंने साफ किया कि अमृतसर पुलिस और इंटेलिजेंस पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में उसे गिरफ्तार किया है। एनएसए के तहत गिरफ्तारी हुई है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि गुरुद्वारे के अंदर क्या हुआ उन्हें इस बारे का कुछ पता नहीं है। इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस ने लोगों से शांति-सौहार्द बनाए रखने की अपील की, अफवाह तथा झूठे प्रचार करने वालों से दूर रहने की भी अपील की गई।
सीएम खुद कर रहे थे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग
अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर जो ऑपरेशन चलाया गया, उसकी मॉनिटरिंग सीएम भगवंत मान खुद कर रहे थे। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस को स्पेशल स्पेशल हिदायत दी थी कि किसी भी तरह से माहौल खराब नहीं होना चाहिए। सूत्रों की मानें तो जैसे पुलिस को यह सूचना मिली थी कि अमृतपाल रोडे गांव में है तो इस बारे में सीएम को अवगत कराया गया था। साथ ही पुलिस के सीनियर अफसर रोडे गांव पहुंच गए थे। डीजीपी के द्वारा सीएम को पल पल के के बारे में अपडेट किया गया।
भिंडरावाले का भतीजा ने यह कहा
रविवार सुबह अमृतपाल को मोगा के गांव रोडे से गिरफ्तार किया गया। शनिवार देर रात गांव रोडे में जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे जसबीर सिंह के पास मैसेज पहुंचा कि अमृतपाल आपके गांव से गिरफ्तारी देना चाहता है। अमृतपाल उनके पास आया और उसने कहा कि वह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद संगत को संबोधित करेगा और पिछले एक माह में वह कहां था, इस बारे में जानकारी देगा। अमृतपाल ने कहा कि वह संगत को खुद बताएगा कि अभी तक गिरफ्तारी न देने के पीछे क्या कारण था।

