खालिस्तान समर्थक अमृतपाल असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल भेजा….गांव जल्लूपुर खेड़ा में भी माहौल शांत, मां ने कहा… बेटे ने डेढ़ महीने तक पुलिस के घुटने टिकवाए

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़। 

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल भेजा गया है।  राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत अमृतपाल एवं उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दरअसल, 2 दिन पहले ही अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर को अमृतसर एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने रोका था। पूछताछ के बाद किरणदीप कौर को अमृतपाल के गांव जल्लूपुर खेड़ा में छोड़ दिया गया था।

क्या हाल है जल्लूपुर खेड़ा का  


उधर, अमृतपाल के गांव जल्लूपुर खेड़ा में भी माहौल शांत है। गांव में पुलिस तैनात है। गांव में खास चहल पहल नजर नहीं आ रही है। अमृतपाल के घर में पड़ोंसियों का जमावड़ा लगा है। अमृतपाल की मां बलविंदर कौर व चाचा सुखचैन सिंह ने कहा कि अमृतपाल ने गांव रोडे के गुरुद्वारा साहिब के बाहर आत्मसमर्पण किया है, उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। मां ने कहा कि उनके बेटे ने डेढ़ महीने तक पुलिस के घुटने टिकवा दिए। अब पुलिस उन युवाओं को छोड़ दे, जिनको अमृतपाल के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

मोगा के गांव रोडे से पकड़ा अमृतपाल


पुलिस ने अमृतपाल को मोगा के गांव रोडे से पकड़ा है। अमृतपाल के पकड़े जाने के बाद अमृतसर के कस्बा अजनाला में भी खामोशी है। यह वही कस्बा है जहां के थाने पर हमला कर अमृतपाल राष्ट्रीय पटल पर छाया था। कस्बे में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। लोग अमृतपाल की गिरफ्तारी पर चुप्पी साधे हैं। अजनाला में कुछ लोगों का कहना है कि अमृतपाल को आखिर एक दिन पुलिस की गिरफ्त में आना ही था। 

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