हिंदू-सिख भाईचारे के प्रतीक थे बादल…लंबे समय तक कायम किया भाजपा के साथ गठबंधन

वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा.चंडीगढ़।

लंबे समय तक भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले प्रकाश सिंह बादल हिंदू-सिख भाईचारे के प्रतीक भी थे। 1996 में भाजपा और अकाली दल करीब आए और 1997 के विधानसभा चुनाव में पहली बार गठबंधन कर चुनाव लड़े। इसका सियासी फायदा दोनों ही दलों को मिला। भाजपा की पंजाब में सियासी आधार बढ़ाने के लिए जमीन मिली तो बादल को सत्ता की कमान। 

1997 में बादल ने राज्य के 28 वें मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला और उन्होंने 2007 चौथी बार और 2012 में पांचवीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली। प्रकाश सिंह बादल कहते थे कि हिंदू और सिखों में नाखून और मांस का रिश्ता है। प्रकाश सिंह बादल 1996 से 2008 तक अकाली दल के अध्यक्ष भी रहे थे। पंजाब की राजनीति में प्रकाश सिंह बादल को बाबा बोहड़ (दिग्गज) कहा जाता था।


मोरारजी सरकार में ढाई महीने तक कृषि मंत्री रहे


साल 1977 में केंद्र की मोरारजी देसाई की सरकार में वह करीब ढाई महीने तक कृषि और किसान कल्याण मंत्री भी रहे। बादल ने पहली बार 1970 में राज्य के 15वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके बाद 1977 में वे राज्य के 19वें मुख्यमंत्री बने। 20 साल के बाद फिर उन्हें सत्ता की कमान ली लेकिन इस बार बीजेपी के साथ गठबंधन करने का सियासी फल मिला था। यानी पंजाब में आतंकवाद के खात्मे के बाद 1997 में वह भाजपा अकाली दल गठबंधन की तरफ से पंजाब के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे।

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