वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
पंजाब की धार्मिक दायरे से एक बहुत बुरी खबर सामने आई। तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ का शुक्रवार को निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज मुक्तसर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। एक बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य रहें। वह अपनी बेबाक आवाज के रूप में जाने जाते रहें। एक बेटा जेल अधीक्षक हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल तथा एसजीपीसी ने उनकी मृत्यु पर अफसोस जताया तथा परिवार के प्रति संवेदना जताई। संस्कार उनके फार्म हाउस में होगा। इस बात की पुष्टि, उनके परिवार ने की।
शुक्रवार की सुबह पंजाब में एक बहुत बुरी खबर तब सामने आई, जब तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार बलवंत सिंह ने एक निजी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। परिवार सहित उनके समर्थकों की आंख में आंसू छलक पड़े। बेबाक आवाज बलवंत ने कई अच्छे कार्य किए। एसजीपीसी में कई सुधारात्मक कदम उठाने के लिए जाना जाता रहा।
बताया जा रहा है कि जत्थेदार नंदगढ़ मार्च 2003 से लेकर जनवरी 2015 तक तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार रहे। इससे पहले वे 1996 में एसजीपीसी के सदस्य भी चुने गए थे। उन्हें अपनी बेबाक वाक शैली के लिए जाना जाता था। गौरतलब है कि जेल सुपरिंटेंडेंट शिवराज सिंह नंदगढ़ उनके बेटे हैं, जो पिछले कई दिनों से अस्वस्थ रहने के चलते उनकी देखभाल कर रहे थे।

