वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव कराने वाले रिटर्निंग ऑफिसर की आलोचना की और कहा कि यह स्पष्ट है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मतपत्रों को विकृत कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है, “क्या वह इसी तरह से चुनाव आयोजित करते हैं? यह लोकतंत्र का मजाक है। यह लोकतंत्र की हत्या है। हम हैरान हैं। इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। क्या यह रिटर्निंग ऑफिसर का व्यवहार है?”
यह था पूरा मामला
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा को एक सांसद का मत मिलाकर 16 मत पड़े। गठबंधन के पास कुल 20 मत थे। इसमें 8 मत को रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द कर दिया था। इस मामले को लेकर आप तथा कांग्रेस पूर्व में पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय गया। वहां पर किसी प्रकार से कोई राहत नहीं मिली। सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गई। वहां से बड़ा फैसला आया। रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
सोशल मीडिया में वायरल
कुछ दिन पहले रिटर्निंग ऑफिसर की सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब तेजी से प्रसारित हुई। उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे रिटर्निंग ऑफिसर मत के साथ छेड़छाड़ करते हुए दिखाई दे रहा है। मालूम हुआ कि इस वीडियो को प्रमाण बनाकर न्यायालय में पेश किया गया। जिसका फायदा गठबंधन को हुआ।
जानिए, आगे क्या होगा….?
विशेषज्ञ, मान कर चल रहे है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मेयर के चुनाव दोबारा हो सकते है। क्योंकि, भाजपा पर धांधली का संगीन आरोप लगा है। ऊपर से रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यप्रणाली पर अदालत ने कई प्रकार के सवाल खड़े कर दिए। अगर, मेयर के चुनाव दोबारा संभव होते है तो भाजपा के खिलाफ गलत संदेश जा सकता है। चुनाव में हार का भी मुंह देखना पड़ सकता है।

