वरिष्ठ पत्रकार.चंडीगढ़।
किसान आंदोलन के लिए हजारों किसान ट्रैक्टर लेकर डबवाली में डट गए हैं। इन्हें रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पंजाब में मुख्य रूप से बठिंडा के डबवाली, मानसा के चांदपुर, संगरूर के खनौरी, पटियाला के शंभू और मोहाली के झरमड़ी में किसानों ने डेरा लगा दिया है। सोमवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से किसानों के जत्थे राशन पानी लेकर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। अमृतसर से करीब 300 ट्रैक्टर फतेहगढ़ के लिए रवाना हुए। फतेहगढ़ के साधुगढ़ में ट्रैक्टरों के करीब 2 किलोमीटर लंबे काफिले ने फिलहाल वहीं डेरा डाल दिया है। ये सभी शंभू बॉर्डर की ओर जा रहे हैं। पंजाब में इन्हें कहीं भी नहीं रोका जा रहा।लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर भी किसान इकट्ठा हो गए हैं। वह मंगलवार सुबह दिल्ली कूच करेंगे।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह जानिया ने कहा कि केंद्र सरकार कुछ भी कर ले वे दिल्ली जाकर रहेंगे। वहीं अंबाला में शंभू बॉर्डर पर पंजाब की तरफ किसान समर्थक युवाओं ने देर शाम पुलिस द्वारा रखे गए बड़े बड़े भारी पत्थरों को ऊपर से ही नीचे घग्गर नदी में फेंक दिया है। इस दौरान युवा हाथों में लोहे की रॉड से पत्थरों को धकेलते दिखाई दिए।
जानिए, किसानों की प्रमुख मांगें
किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, एमएसपी पर गारंटी, लखीमपुर खीरी हादसे पर सख्त कार्रवाई करने, किसान मोर्चा के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को सरकारी नौकरी व मुआवजा राशि देने की मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि वह हर हालत में वे दिल्ली कूच का फैसला वापस नहीं लेंगे।
धारा 144 लागू
हरियाणा के 15 जिलों में धारा 144 जारी है। कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। बॉर्डर पर जगह-जगह सीमेंट के ब्लॉक्स, कंटीली तारें, कीलें लगाकर हाईवे खोद दिया गया है। अन्य छोटे रास्तों पर भी बैरिकेडिंग की गई है। हरियाणा में हालात संभालने के लिए केंद्र ने बीएसएफ और सीआरपीएफ की 64 कंपनियां लगाई हैं।

