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स्वाइन फ्लू की एंट्री हो चुकी है। वीरवार को शहर में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य निदेशक सुमन सिंह के अनुसार एक डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। फिलहाल उसकी मॉनिटरिंग डॉक्टर कर रहे हैं। वहीं विभाग के अनुसार हर साल स्वाइन फ्लू के दो से तीन मामले आते हैं।
वहीं उन्होंने लोगों से अपील की है कि फ्लू के लक्षण सामने आने पर किसी तरह की लापरवाही न करें, तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। भीड़ वाली जगहों पर न जाए और घर में अन्य सदस्यों से संपर्क में न रहें।
लोगों को बताया गया है कि संक्रमण के दौरान डॉक्टर द्वारा सलाह दी गई हो तो घर पर रहें। यात्रा न करें या काम या स्कूल न जाएं। अपने घर के भीतर अन्य सदस्यों से कम से कम संपर्क करें। लक्षणों के शुरू होने के सात दिनों तक या जब तक आप 24 घंटे तक लक्षण-मुक्त न हो जाएं, जो भी अधिक हो, दूसरों के साथ निकट संपर्क से बचें। वहीं कुछ पुरानी बीमारियों (मधुमेह, उच्च रक्तचाप, वायुमार्ग की बीमारी और हृदय रोग आदि) वाले लोग, 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्क, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को गंभीर बीमारी का अधिक खतरा हो सकता है।
ये हैं लक्षण
- बुखार, खांसी, गले में खराश, नोजिया, सांस लेने में कठिनाई, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना, दस्त, उल्टी, थूक में खून आना और थकान।
इसका रखें ध्यान
खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रूमाल या टिश्यू से ढकें और इनका उचित तरीके से निपटान करें।
अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड जेल का उपयोग करें।
आंखों, नाक या मुंह को छूने से बचें।
मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।
फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से एक हाथ की दूरी से ज़्यादा दूर रहें।
भरपूर नींद लें।
खूब सारे तरल पदार्थ पिएं और पौष्टिक खाना खाएं।
बुखार और शरीर में दर्द होने पर पैरासिटामोल लें।
डॉक्टर से सलाह लिए बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लें।

