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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ पति की अपील को स्वीकार करते हुए तलाक का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में यदि पति जेल जाता है तो यह पत्नी की क्रूरता है, पति तलाक का हकदार है और पत्नी क्रूरता के लिए गुजारा भत्ते की पात्र नहीं है।
पति ने याचिका में बताया कि वह और उसकी पत्नी 19 साल से अलग-अलग रह रहे हैं और क्रूरता मामले में याची को जेल होने के बाद अब वह अपनी पत्नी के साथ नहीं रह सकता। याचिका का विरोध करते हुए पत्नी ने तर्क दिया कि वह अभी भी उसके साथ रहने के लिए तैयार है। हाईकोर्ट ने याची को बेटी का विवाह होने तक उसे 10,000 रुपये मासिक भुगतान करने का निर्देश दिया।

