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खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच, रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के प्रमुख ने देश के सिख समुदाय से अपील की है कि वे भारत सरकार पर लगे उन आरोपों की जांच में मदद करें, जो कनाडा में हिंसा की घटनाओं से जुड़े हैं।
आरसीएमपी आयुक्त माइक डुहेम ने मंगलवार को रेडियो को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जिन लोगों के पास इस जांच से जड़ी जानकारी है, उन्हें सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि लोग खुलकर बात करें, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। इस बीच, कनाडा की एक संघीय स्थायी समिति ने भारत सरकार के कथित गोपनीय अभियानों की जांच के लिए एक आपात बैठक बुलाने का फैसला लिया है।
इस स्थायी समिति के सदस्यों ने मंगलवार को सरकार को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि आरसीएमपी द्वारा दी गई जानकारी बहुत चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह कनाडाई नागरिकों और देश की सुरक्षा के लिए उठा जा सकने वाले कदमों पर चर्चा करने का समय दे। यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह ने कहा कि संसद की स्थायी समिति को यह देखना चाहिए कि कनाडाई नागरिकों को भारत से आने वाले खतरों से कैसे बचाया जा सकता है।
आरसीएमपी के आयुक्त डुहेम ने सोमवार को सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि भारत सरकार के एजेंटों ने कनाडा में बड़े पैमाने पर हिंसा में भूमिका निभाई है, जिसमें हत्याएं भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कनाडा में भारतीय राजनयिकों और अन्य अधिकारियो का हत्याओं और अगवा करने, डराने-धमकाने के मामलों से संबंध है। डुहेम ने पत्रकारों से कहा था कि पुलिस को कनाडा में सक्रिय नेटवर्क को रोकने के लिए सामने आना पड़ा, क्योंकि यह नेटवर्क हमारी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘अगर लोग सामने आते हैं, तो हम उनकी मदद कर सकते हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा, लोग कनाडा में सुरक्षित महसूस करने के लिए आते हैं और हमारी जिम्मेदारी है कि हम सुनिश्चित करें कि वे एक सुरक्षित माहौल में रहे।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रवासी भारतीयों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता करनी चाहिए, तो डुहेम ने कहा कि उन्हें पुलिस प्रणाली में भरोसा और आत्मविश्वास होना चाहिए। आरसीएमपी ने यह भी आरोप लगाया कि बिश्नोई गिरोह भारत सरकार के एजेंटों से जुड़ा हुआ है, जो खासकर खालिस्तान समर्थक तत्वों को निशाना बना रहा है।
कनाडा के अधिकारियों द्वारा भारतीय एजेंट को कनाडा में आपराधिक गिरोहों से जोड़ने के प्रयासों को भारत ने सिरे से खारिज किया है। नई दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने यह भी कहा कि सिख चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर मामले में भारत के साथ सूचना साझा करने का कनाडा का दावा सरासर गलत है। नई दिल्ली में सूत्रों ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के उन आरोपों को भी खारिज किया कि भारत उनके देश में कनाडाई नागरिकों को निशाना बनाकर गुप्त अभियान चलाने जैसी गतिविधियों में संलिप्त है।

