वरिष्ठ पत्रकार.फिरोजपुर।
पंजाब के फिरोजपुर में लगभग 8 दिन पहले इमीग्रेशन कंपनी के संचालक पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल इमीग्रेशन के मालिक राहुल कक्कड़ को गोली मारने की कहानी झूठी निकली है। राहुल कक्कड़ ने खुद ही अपने बाजू पर गोली चलाई थी। उसने ऐसा किसी को फंसाने के लिए किया था। इसलिए खुद को गोली मारकर यह ड्रामा रचा था। उसके इस ड्रामे से पर्दा वारदात वाली जगह पर खुफिया तौर पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने उठा दिया है।
उधर, एसएसपी भूपेंद्र सिंह सिद्धू ने कहा आरोपी इमीग्रेशन मालिक राहुल कक्कड़ के खिलाफ शहर में दहशत फैलाने और पुलिस को गुमराह करने का मामला दर्ज किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ये वारदात एक अगस्त शहर स्थित सेंट्रल जेल के पीछे वाली सड़क पर हुई थी।
एसएसपी ने बताया कि वारदात वाले दिन राहुल ने पुलिस को खुद कॉल करके कहा था कि उसे बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारी है। सूचना मिलते ही वह घटनास्थल पर पहुंचे और वहां पर सब कुछ देखा उन्हें भी वहां लगा सीसीटीवी कैमरा नजर नहीं आया। पुलिस ने पहले तो राहुल की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जब उनकी टीम ने दोबारा घटनास्थल पर पहुंची और जांच की तो वहां पर एक ऐसा कैमरा लगा हुआ था, जो किसी को भी दिखाई नहीं देता था। उस कमरे में वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति की आवाज भी रिकॉर्ड होती थी। जब कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें राहुल भी कैमरा देख रहा था, लेकिन उसे कैमरा नजर नहीं आया। तब उसने वहां पर खुद की वारदात दिखाई कि उसे दो बाइक सवारों ने गोली मारी और फरार हो गए। जब पुलिस ने उसके झूठ को पकड़ लिया तो खुद आकर पुलिस से माफी मांगी कि उससे गलती हो गई है।
उधर, जानकारों का कहना है कि राहुल के खिलाफ दिल्ली में भी काफी चर्चे सुनने को मिले हैं। पुलिस को चाहिए कि इसका पिछला पुराना रिकॉर्ड खंगाले। उच्च अधिकारी उसे अपने ऑफिस में बैठा कर उसकी खातिरदारी करने से बचें। एसएसपी ने कहा कि शहर में दहशत फैलाने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में राहुल के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

