BATALA-EXCLUSIVE-VIDEO-CLIP…गौर से देखिए….मासूम चेहरा, अब तक कईयों को लगा चुका फर्जी डिजिटल भुगतान का चूना…सीसीटीवी में कैद हुई उसकी हरकत

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मोहित बटालवी.बटाला.गुरदासपुर। 

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देखने में मासूम चेहरा, बोल-चाल मे नरम स्वभाव, धोखाधड़ी में अव्वल, धात देनी पड़ेगी कि इस शख्स के पास डिजिटल भुगतान की हेराफेरी करने में खासा हुनर है। यह चेहरा सीसीटीवी कैमरा में कैद हो चुका है। इस शख्स पर आरोप है कि उसने दुकानदार से डिजिटल भुगतान की धोखाधड़ी की। चर्चा, इस बात की है अब तक यह शख्स 1 दर्जन से ऊपर दुकानदारों को डिजिटल भुगतान से हजारों-लाखों का चूना लगा चुका है। मामला, पंजाब के बटाला शहर से जुड़ा है। शिकायत पुलिस के पास पहुंच चुकी है। फिलहाल, अभी तक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई।      

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..जानिए, क्या है पूरा मामला…?

थाना सिटी के पास एक मार्केट में काफी मशहूर किराना की दुकान है। दुकान पर एक भोला-भाला चेहरा वाला शख्स आता है। दुकान पर तब एक महिला उस को डील करती है। महिला को नमस्ते करता है तथा एक सिगरेट डिब्बी की मांग करता है। महिला दुकानदार उसे सिगरेट डिब्बी दे देती है। महिला दुकानदार को शातिर डिजिटल ऐप से भुगतान करने के लिए बोलता है। जब स्कैनर की माध्यम से शातिर पैसा भुगतान हो जाने की बात बताता है तो महिला उस पेमेंट को कंफर्म करती है तो पेमेंट वहां पर आती ही नहीं। इतनी देर में शातिर वहां से पलटी मार जाता है।  

पता चला है कि उक्त शतिर कई दुकानदारों को डिजिटल पेमेंट के झूठे जाल में फंसाकर उन्हें अब तक हजारों-लाखों का चूना लगा चुका है। हर कोई इस शख्स से परेशान है। 

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कुछ बातें ध्यान देने योग्य हैं….?

1) अगर कोई डिजिटल पेमेंट का भुगतान करता है तो उसके लिए सबसे पहले मोबाइल संदेश सुनिश्चित करना चाहिए कि वाक्य भुगतान आ चुका है या नहीं। 

2) डिजिटल पेमेंट भुगतान का स्क्रीन शॉट अवश्य लीजिए, उसके माध्यम से पक्का हो जाता है कि वाक्य पेमेंट खाता में आ चुकी है। 

3) दुकानदार को अपने डिजिटल नंबर के नाम पर बोलने वाली मशीन का आवश्यक इस्तेमाल करना चाहिए, उससे पेमेंट आपके खाता में आने की सूचना तत्काल मिल जाती है। 

4) संदिग्ध व्यक्ति से कभी भी डिजिटल भुगतान नहीं लेना चाहिए, कई बार इसी प्रकार के लोगों की एंट्री दुकानदार के लिए आगे जाकर मुसीबत पैदा कर देती है। अच्छा यही होगा कि उनसे नकदी ही ली जाए।    

5) अगर कोई इस प्रकार की परेशानी आए तो तुरंत पुलिस की मदद ली जाए। पुलिस विभाग का साइबर सेल इन मामलों को डील करता है तथा उनके बारे पता लगाकर जल्द ही पकड़ा भी जा सकता है। 

समझिए…किस प्रकार से शातिरों ने बनाया डिजिटल गोरखधंधा

साइबर तथा डिजिटल पेशे से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय सबसे बड़ी समस्या डिजिटल भुगतान संबंधित है। चिंता का विषय यह है कि कुछ शातिरों ने कई डिजिटल भुगतान वाली फर्जी ऐप को डाउनलोड कर लिया। वे जब ऐप के माध्यम से किसी को डिजिटल भुगतान करते है तो उसमें (स्क्रीन शार्ट) साफ दिखाई देता है कि उनकी तरफ से भुगतान हो चुका है। ऐसे में दूसरा समझता है कि उनके खाता में पेमेंट आ चुका है। जब वह बैंक के माध्यम से एंट्री चेक करता है तो उसमें पता लगता है कि पेमेंट उनके खाता में अभी तक क्रेडिट ही नहीं हुई। 

विशेषज्ञों का मानना है कि इन फर्जी ऐप के माध्यम से लाखों भारतीयों को प्रतिदिन लाखों-करोड़ों का डिजिटल चूना लग रहा है। फिलहाल, इन सभी केसों को देखा जाए तो अब तक हमारा कानून उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब नहीं हो पाया। दिक्कत इस बात की है कि ऐसे लोगों का पुलिस के पास कोई अता पता नहीं है।   

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