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लगातार हो रही बारिश ने पठानकोट शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इसके चलते भूस्खलन और सड़कों पर पानी भरने के चलते कई मार्क बंद हो गए हैं वहीं कई गावों की संपर्क टूट गए हैं। गलियों तक में पानी भरने से लोगों को निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था ठीक करने और स्थाई समाधान की मांग की है।
कई गांवों का संपर्क कट गया
हाल यह है किधारकलां में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हो गया। नारायणपुर-लधेटी मार्ग ठप, कई गांवों का संपर्क कट गया है। यहां हर साल के नुकसान से लोग परेशान हैं। इसके इलावा सुंदर नगर इलाके में पुल के नीचे भारी बारिश के चलते पानी भरने से बच्चों से भरी स्कूल बस फंस गई। इसके अलावा गांव धार ब्लाक के गांव भराल खरासा में एक पुलिया टूटने से सांगर सहित तीन-चार गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ
पठानकोट जिले के अर्द्ध-पहाड़ी इलाके धारकलां में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है, जिससे नारायणपुर-लधेटी रोड पर भारी मात्रा में मलबे का ढेर लग गया है। सड़क बंद होने के कारण दर्जनों गांवों का शहर से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

लोगों में दहशत का माहौल
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कहीं सड़क के ऊपर से पानी का तेज बहाव गुजर रहा है, तो कहीं सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे और पत्थरों से भर चुका है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सुबह से ही मार्ग अवरुद्ध होने के कारण उन्हें आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से इलाके के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बरसात में हर साल ऐसे ही हालात बन जाते
स्थानीय निवासियों का कहना है कि धार क्षेत्र में बरसात के मौसम में हर साल ऐसे ही हालात बन जाते हैं। पिछले वर्ष भी तेज पानी के बहाव से हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए थे और कई मकानों की नींव कमजोर होने से परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। हर साल होने वाले इस नुकसान के लिए प्रशासन को कोई स्थायी समाधान निकालना चाहिए। हर बार अस्थायी मरम्मत के नाम पर लीपापोती की जाती है, जिससे टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई का पैसा व्यर्थ चला जाता है।

जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
सुंदर नगर इलाके में सड़कों और पुल के नीचे भारी मात्रा में पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बच्चों से भरी एक स्कूल बस जलभराव के बीच फंस गई। काफी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मुख्य मार्ग पर कई-कई फीट पानी जमा
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में इस मुख्य मार्ग पर कई-कई फीट पानी जमा हो जाता है। गांधी नगर के रहने वाले हजूर राम ने बताया कि वे मोटरसाइकिल से टांकी चौक की ओर जा रहे थे, लेकिन सड़क पर भरे गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण उनकी बाइक बीच में ही बंद हो गई। उनके सामने ही एक ऑटो भी पानी में फंसा हुआ था।

आरोप –5,000 रुपये तक की अवैध वसूली
स्थानीय निवासी बलविंदर पाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रोजाना कई गाड़ियां पानी में बंद हो जाती हैं। मजबूरी का फायदा उठाकर फंसे हुए वाहनों को पानी से बाहर निकालने के नाम पर 2,000 से 5,000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है।

प्रशासन की अनदेखी
स्थानीय क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस समस्या के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। प्रशासन की अनदेखी से नाराज होकर लोगों ने एकजुट होकर मांग उठाई है कि नालों की नियमित सफाई करवाकर ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत दुरुस्त किया जाए। जलभराव वाली जगहों पर सड़क की ऊंचाई बढ़ाई जाए। समस्या का कोई स्थायी प्रशासनिक समाधान निकाला जाए ताकि हर बारिश में लोगों को इस नारकीय स्थिति से न गुजरना पड़े।

जनजीवन प्रभावित
पठानकोट जिले के धार ब्लॉक में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। गांव भराल खरासा में एक पुलिया टूटने से सांगर सहित तीन-चार गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह पुलिया काफी समय से क्षतिग्रस्त थी। आवाजाही सुचारु रखने के लिए गांव वालों ने अपने स्तर पर पुलिया पर मिट्टी डालकर एक अस्थायी मार्ग तैयार किया था। लेकिन, बीती रात हुई भारी बारिश के कारण यह मिट्टी बह गई, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।

क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी
पुलिया टूटने के कारण स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं। वहीं, दैनिक कामकाज के लिए बाहर जाने वाले लोग भी अपने घरों में ही रुकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी है और अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लिया है।
तत्काल मरम्मत कर रास्ता बहाल करने की मांग की
गांव वासियों ने प्रशासन से पुलिया की तत्काल मरम्मत कर रास्ता बहाल करने की मांग की है, ताकि प्रभावित गांवों का संपर्क पुनः स्थापित हो सके। उन्होंने यह भी अपील की है कि धार ब्लॉक का दौरा कर रहे जनप्रतिनिधि और नेता उनके गांव का दौरा कर जमीनी हकीकत का आकलन करें और समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएं।###USA###UK###CANADA###TOTAL-DAMAGED-BY-HEAVY-RAIN-AT-PATHANKOT###PUNJAB###CHANDIGARH###INDIA###AUSTRALIA###GERMANY###IRELAND###SWEDEN###EUROPE###CHINA###HUNGRY###FRANCE###ITLAY###ROME###RUSSIA###UKRAINE###VIETNAM###SINGAPORE###@

