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NEET पेपर लीक पर पूर्व केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ खुलकर झंडा बुलंद करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) अब पंजाब में दूसरे राजनीतिक दलों के निशाने पर है। कांग्रेस, अकाली दल और BJP ने पंजाब में फार्मेसी एग्जाम का पेपर लीक होने का दावा करते हुए यहां की AAP सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। तीनों पार्टियां प्रदेश के शिक्षामंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांग रही हैं।
यह नकल का मामला
दूसरी ओर, भगवंत मान सरकार और AAP के शीर्ष नेतृत्व का दोटूक कहना है कि फार्मेसी एग्जाम में हुई गड़बड़ी को पेपर लीक नहीं कहा जा सकता। यह नकल का मामला है और इस स्कैंडल का भंडाफोड़ कर पार्टी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि वह एजुकेशन के मुद्दे को लेकर कितनी संवेदनशील है।
पेपर लीक और फ्रॉड का कॉम्बो
वहीं, एजुकेशन एक्सपर्ट पंजाब की घटना को नकल, पेपर लीक और फ्रॉड का कॉम्बो बता रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक- नकल इनसाइड रूम में होती है। एग्जाम खत्म होने से पहले अगर पेपर सेंटर से बाहर आ जाए तो इसे पेपर लीक ही माना जाता है। एजुकेशन एक्सपर्ट की सलाह है कि पंजाब सरकार को फार्मेसी का पेपर रद्द कर दोबारा एग्जाम कराना चाहिए।

मंगलवार को NDA के सांसदों ने दिल्ली में पंजाब में पेपर लीक का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल व सीएम भगवंत मान की चुप्पी पर सवाल उठाए। (IMAGE-CREDIT-BY-SNE-NETWORK)
454 फार्मासिस्ट अफसरों की भर्ती के लिए एग्जाम कराया गया था
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने 454 फार्मासिस्ट अफसरों की भर्ती के लिए एग्जाम कराया गया था। इस दौरान एक परीक्षार्थी ने पेन कैमरे का इस्तेमाल कर पेपर की फोटो खींचकर भिवानी बैठे व्यक्ति को भेजी। उसने आगे इसे राजस्थान के 2 पेपर सॉल्वर को भेजा। जो उस वक्त फरीदकोट में ही मौजूद थे। इसके बाद यही पेपर सॉल्व कर माइक्रो ईयरपीस के जरिए परीक्षार्थियों को जवाब बताए गए।
7 कथित मास्टरमाइंड पकड़े
पुलिस ने केस सामने आने के बाद ऑफिशियल तौर पर इसकी पुष्टि की थी। इस मामले में ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो ईयरपीस और पेन कैमरे का इस्तेमाल किया। सूचना मिलने पर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की। कार्रवाई में 28 अभ्यर्थी और 7 कथित मास्टरमाइंड पकड़े गए।
गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस ने 27 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद कर गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि एक उम्मीदवार से ₹3.5 लाख से ₹13 लाख तक वसूले जाते थे। पास कराने की गारंटी देकर सौदा किया जाता था। इसके बाद विपक्षी दलों ने धर्मेंद्र प्रधान की तर्ज पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया।
इसे पेपर लीक कहना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से पूरी तरह गलत—शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा शुरू होने से पहले कोई भी प्रश्नपत्र बाहर नहीं आया था। परीक्षा शुरू होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने पेन कैमरा, ब्लूटूथ और वायरलेस डिवाइस के जरिए प्रश्न बाहर भेजे और बाहर से जवाब मंगवाए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस गिरोह को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसलिए इसे पेपर लीक कहना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से पूरी तरह गलत है।
….विपक्षी प्रतिक्रिया
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि राज्य में फार्मेसी सहित कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियां हुई हैं। CM भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने फार्मेसी भर्ती परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी की। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने फार्मेसी भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की न्यायिक या केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। ###USA###UK###CANADA###PAPER-LEAK-NEWS###PUNJAB###CHANDIGARH###INDIA###AUSTRALIA###GERMANY###IRELAND###SWEDEN###EUROPE###CHINA###HUNGRY###FRANCE###ITLAY###ROME###RUSSIA###UKRAINE###VIETNAM###SINGAPORE###@

