PAWAN KUMAR.AMRITSAR/LUDHIANA/CHANDIGARH/NATIONAL-DESK.
देशभर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव है। मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और द्वारका में जन्माष्टमी की धूम है। मथुरा में जन्मभूमि, द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती हुई।

भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में गुरुवार रात से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि जन्मोत्सव के लिए मथुरा-वृंदावन समेत ब्रज मंडल में करीब 75 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इधर, जन्माष्टमी पर ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में एक खास रस्म के लिए मुख्य मंदिर 5 घंटे तक बंद रहेगा। इस रस्म में भगवान मां का रूप धारण करके श्री कृष्ण को जन्म देंगे। जन्माष्टमी से ठीक पहले शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्री लडडू गोपाल के लिए खास उपहार भेजे गए। यह परंपरा 2024 में शुरू हुई थी।
इसी प्रकार जन्माष्टमी उत्सव मनाने के लिए जोड़ा फाटक समीप न्यू दशमेश नगर की गली नंबर- 18 में खासा इंतजाम किया गया। इसके लिए एक दिन पहले कीर्तन तथा झांकियां निकाली गई है। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा इसमें हिस्सा लिया गया। हर किसी की जुबान में राधे-राधे, जय श्री कृष्ण के मधुर बोल थे।
वहीं प्रसाद के तौर पर केक रखा गया। कीर्तन के उपरांत केक काटा गया। सभी में इसे प्रसाद के सामान तौर पर बांटा गया। बताया जाता है कि यहां पर जन्माष्टमी मनाने की परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही हैं। इसमें सेवादार हैप्पी सिंह, हरीश धवन, मोहित सेठी, पवन ज्योति, मन्नत, आर्यन, नीतिका, सुखदेव, अजय तथा साहिल सन्नी राजू का अहम योगदान रहा। ###USA###UK###CANADA###JANMAASHTMI#pUNJAB###AMRITSAR###AUSTRALIA###NEWZEALAND###SINGAPORE###

