AMRITSAR-REPORT..आखिर…किस सफल ‘PROJECT’ की वजह से कम सुनने वाले ‘STUDENT’ में जगी नई HOPE…..जानेंगे, कैसे अपनाई जा सकती ये नई तकनीक…?   

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SENIOR JOURNALIST RAJAN MANN/AMRITSAR.

अमृतसर के स्टूडेंट और डेफअसिस्ट प्रोजेक्ट के को-फाउंडर आरुष सिंह मिन्हास ने सुनने में दिक्कत वाले लोगों के लिए डिज़ाइन किए गए अपने खास आईवियर प्रोटोटाइप का अमृतसर के कोचर इन्फोटेक (कोचर टेक) में सफलतापूर्वक टेस्ट किया। यह प्रोटोटाइप उन लोगों की रोजाना की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है जो आवाज़ें नहीं सुन सकते।
इस बारे में जानकारी देते हुए मिन्हास ने कहा कि यह डिवाइस बिना इंटरनेट के काम करता है और हॉर्न, सायरन जैसी ज़रूरी आवाज़ों को पहचानता है। उन्होंने कहा कि यह आवाज़ किस दिशा से आ रही है, इसका विज़ुअल इंडिकेशन देता है और सारी जानकारी आंखों के सामने दिखाई देती है।

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जानेंगे…पार्टिसिपेट ने कौन से 2 सुझाव दिए…?

मिन्हास ने एक सुनने में दिक्कत वाले पार्टिसिपेंट को डिवाइस दिखाया। पार्टिसिपेट ने इसके कई इस्तेमाल को सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि पार्टिसिपेट ने दो प्रैक्टिकल सुझाव दिए जिन्हें अगले डिजाइन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टिसिपेट ने बैटरी को चेहरे से दूर रखने का सुझाव दिया ताकि वह गर्म न हो और डिस्प्ले की जगह बदलने का सुझाव दिया ताकि वह देखने में रुकावट न डाले।

इस तकनीक को बनाया जा सकता आसान


मिन्हास ने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ़ आवाज़ पहचानना नहीं है, बल्कि उस जानकारी को आरामदायक और इस्तेमाल करने लायक तरीके से पहुंचता है।” “कोचर टेक में यह टेस्टिंग हमारे लिए बहुत कीमती थी।”अगले फेज़ में डिवाइस के स्ट्रक्चर, आराम और भरोसे के लिए उसकी पूरी टेस्टिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक असिस्टिव टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट है जो सुनने में दिक्कत वाले लोगों के लिए सस्ते और ऑफलाइन सॉल्यूशन बनाने पर काम कर रहा है।###USA###UK###CANADA###AMRITSAR###PUNJAB###PROJECT-NEWS###AUSTRALIA###NEWZEALAND###AUSTRIA###SPAIN###FRANCE###ITLAY###ROME###

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