BATALA BREAKING….POLICE-STATION-CITY-FAILED……’FIR’ के बावजूद कांग्रेस नेता के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर चली गोलियां…….बाल-बाल बचे सभी…..परिवार में सहम का माहौल

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नेता का दावा..पंजाब की कानून व्यवस्था का है बुरा हाल….लंबे समय से फिरौती के लिए किया जा रहा था प्रताड़ित

सत्ताधारी पार्टी के विधायक पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचा, दावा, कथित अपराधी जल्द होंगे सलाखों के पीछे

अनुराग कुमार.मोहित बटालवी.बटाला। 

बटाला में कानून व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है। यहां पर गोली चलना आम बात हो चुका है। अपराधियों का खौफ इस कदर बढ़ चुका है कि आम जनता का रहना काफी मुश्किल हो चुका है। ताजा मामला, शहर के प्रतिष्ठित तथा कांग्रेस में ऊंचे कद के नेता से जुड़ा है। शुक्रवार की सायं करीब साढ़े छह बजे उनके (गुड्ढू सेठ) मोबाईल शो रूम पर अज्ञात 2 बाइक सवार बदमाशों ने गोली चला दी। गनीमत रहा कि किसी प्रकार से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वारदात को अंजाम देने वाले मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही थाना सिटी में नेता के बयान पर फिरौती मांगने वाले निशान सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इतना बड़ा हमला हो जाना , इससे यह साबित होता है कि संबंधित थाना कानून व्यवस्था को कायम करने में एकदम फेल साबित हुआ हैं। क्षेत्र में दहशत का माहौल हैं। कांग्रेसी परिवार एकदम सहम के माहौल में हैं। 

जानिए, क्या है पूरा मामला

दरअसल, पीड़ित परिवार कांग्रेस पार्टी से काफी बहुत पुराना जुड़ा हुआ है। पता चला है कि पिछले कुछ समय से वरिष्ठ नेता को फोन पर धमकी भरे फोन आ रहे थे। उनसे निशान सिंह नामक गैंगस्टर फिरौती की मांग कर रहा था। जिसे देने से साफ इंकार कर दिया। कानून पर विश्वास रखने वाले नेता जी ने गत दिवस एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने फिरौती मांगने के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन, इसमें पुलिस की एक बहुत नाकामी सामने आई है कि उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा तक नहीं मुहैया कराई। यहां पर कहीं न कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस कितने समय में मामले को सुलझा पाती हैं। 

सरकार पर भी उठ रहे सवाल

शहर में एक विपक्ष के नेता पर बड़ा बहुत हमला हो जाना , कहीं न कहीं प्रदेश सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे है। इससे यह साबित होता है कि सरकार अपने विपक्षी नेताओं को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि शहर के विधायक अमन शेर सिंह उर्फ कलसी संगठन में बहुत बड़े पद तथा सीएम के बेहद खास होने के बावजूद शहर में आए दिन होने वाली आपराधिक घटनाओं को लेकर उनकी सरकार तथा पार्टी पर भी अमन पसंद आम जनता अब कई प्रकार के सवाल खड़े करने लग पड़ी है।

नए एसएसपी की जॉइनिंग उपरांत बहुत बड़ा मामला आया सामने 

कल ही नए एसएसपी डॉक्टर मेहताब सिंह ने जिला बटाला एसएसपी कार्यालय में अपना पदभार संभाला था।  उन्होंने इस बात का दावा किया था कि शहर में अपराधियों की जगह जेल में हैं, किसी को नहीं बख्शा जाएगा। लेकिन, 24 घंटा उपरांत शहर में विपक्षी नेता के जहां अज्ञात बदमाशों द्वारा गोलियां चला देना, उनके समक्ष अपराधियों को कैसे और किस तरह से नकेल कसना है, यह एक प्रकार से बहुत बड़ी चुनौती हैं। फिलहाल, इस केस के पीछे षडयंत्रकारियों को पकड़ कर जेल भेजना, उनके लिए एक प्रकार से कड़ी परीक्षा होगी। 

पास में नाका…फिर भी कोई पुलिस मुलाजिम नहीं….ऐसे में खड़ा होता है थाना सिटी एसएचओ , डीएसपी सिटी पर सवाल

मीडिया में समक्ष कांग्रेसी नेता ने इस बात दावा किया कि पहले पास में नाका लगा रहता था। पुलिस हमेशा आम जनता की सेवा में ड्यूटी देती थी। अब वहां से नाका नमात्र रह चुका है। कोई पुलिस कर्मचारी नहीं खड़ा होता है। काफी भीड़भाड़ वाला क्षेत्र पड़ता है। उधर. ऐसे में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि वाक्य में थाना सिटी एसएचओ और डीएसपी सिटी    इस अपराध को रोकने में असफल रहे है। शायद , यहां पर पुलिस की टीम नाका पर होती तो आज इतना बड़ा अपराध नहीं होता। अब इस केस में पुलिस की जवाबदेही बन जाती है कि वे इस अपराध को रोकने में क्यों नाकाम रहे। यह एक प्रकार का जांच का विषय भी बन जाता है। जांच में किसी के खिलाफ आरोप साबित होता है तो विभाग को उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी होगी। ऐसा करने से पुलिस विभाग का आम जनता में एक अच्छा संदेश जाएगा। 

कुछ समय में 2 एसएसपी पर हो चुकी है कार्रवाई

भगवंत मान सरकार ने कुछ दिनों के भीतर पंजाब के 2 एसएसपी को अपराध पर नकेल नहीं कसने की वजह से उन्हें उनके पद से निलंबित कर दिया। ताजा मामला, जिला अमृतसर के पूर्व एसएसपी मनिंदर सिंह तथा एसएसपी तरनतारन का हैं। उपचुनाव में केजरीवाल ने भी मंच पर इस बात का संदेश दिया था कि अगर किसी जिला का पुलिस प्रमुख अपराध पर नकेल कसने में असफल रहता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि बटाला में विपक्ष के बड़े नेता के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर जानलेवा हो गया तो अब सरकार पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कितना बड़ा कदम उठाती है।  

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