…आखिरकार पंजाब पुलिस जागी, अजनाला हिंसा में अमृतपाल के 9 साथियों पर हुई कानूनी कार्रवाई, पुलिस विभाग खामोश

एसएनई नेटवर्क.पंजाब। 

आखिरकार पंजाब पुलिस नींद से जाग ही गई। अजनाला हिंसा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते वारिस दे पंजाब के 9 सदस्यों के खिलाफ थाना अजनाला में मामला दर्ज कर ही लिया। फिलहाल, इस मामले को लेकर किसी पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारी ने आगे की जानकारी नहीं दी। दबी जुबान में कार्रवाई की बात को जरुर स्वीकार कर रहे हैं। बड़ी चुनौती इस बात की है कि अब इन कथित अपराधियों की गिरफ्तारी में पंजाब पुलिस क्या कर पाती हैं, क्योंकि, अब पुलिस के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। 

बड़ा उत्पात मचाया था


सीनियर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंजाब पुलिस यह कार्रवाई उसके 10 समर्थकों के खिलाफ कर रहा है, लेकिन एक साथी का लाइसेंस जम्मू-कश्मीर से बना होने के कारण संबंधित राज्य को इसके लिए लिखा गया है। वहीं दूसरी तरफ पंजाब में बने 9 लाइसेंस रद कर दिए गए हैं। पंजाब पुलिस इस पूरी प्रक्रिया को गुपचुप ढंग से कर रहा है ताकि अजनाला कांड जैसी हिंसक घटना दोबारा से न हो।  हथियार भीतर ले जाने पर भी हुआ था विरोध


जानें, कब तब हो सकती है बड़ी कार्रवाई


पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के 9 समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई पूरी कर ली है, लेकिन एक्शन 20 मार्च के बाद हो सकता है। दरअसल, पंजाब सरकार अमृतसर में होने जा रहे G20 सम्मेलन तक कोई सख्त एक्शन नहीं लेना चाहती। 15 से 17 मार्च तक एजुकेशन विषय और 19-20 मार्च को लेबर विषय पर सम्मेलन हो रहा है।


इनके खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई


मिली जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह के 9 साथी हरजीत सिंह अमृतसर, बलजिंदर सिंह अमृतसर, राम सिंह बराड़ कोटकपूरा, गुरमत सिंह मोगा, अवतार सिंह संगरूर, वरिंदर सिंह तरनतारन, हरप्रीत देवगन पटियाला, अमृतपाल सिंह तरनतारन और गुरभेज सिंह फरीदकोट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जबकि तलविंदर सिंह तरनतारन का लाइसेंस जम्मू-कश्मीर से बना होने के कारण रिव्यू के लिए संबंधित स्टेट को भेजा गया है।


क्या था पूरा मामला, जानें, इस रिपोर्ट में


उल्लेखनीय है कि बीते माह वारिस पंजाब दे के जत्थेदार अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने साथी लवप्रीत सिंह तूफान को छुड़ाने के लिए हिंसक रूप अपनाया था। लवप्रीत सिंह अपने साथ समर्थकों को लेकर अजनाला पहुंचा था। जहां अमृतपाल सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का ओट लेकर पुलिस थाने पर हमला बोल दिया था। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी ना हो, इसके खिलाफ पुलिस भी एक्शन ना ले सकी। अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने पुलिस पर हमला कर 6 पुलिस वालों को घायल किया था।

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