वरिष्ठ पत्रकार अमित मरवाहा.विजय शर्मा/चंडीगढ़।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथ बड़ी सफलता हासिल हुई। वर्ष 2019 में तरनतारन बम धमाका के मास्टरमाइंड बिक्रम सिंह उर्फ बिक्कर (पंजवड) का आस्ट्रिया से प्रत्यर्पण हो चुका हैं। दिल्ली कभी भी लाया जा सकता हैं। इस बात की पुष्टि एनआईए ने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से साझा की। ट्विटर अकाउंट में एनआईए ने बकायदा एक प्रेस रिलीज जारी किया। इसमें आतंकी बिक्कर के पकड़े जाने की पुष्टि से लेकर किन-किन वारदातों में शामिल रहा, उसके बारे काफी विस्तृत तरीके से जानकारी साझा की गई।
दरअसल , आतंकी बिक्कर सिंह लंबे समय से विदेश में रह रहा हैं। वहां से पंजाब में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का नेटवर्क चला रहा हैं। पिछले समय से पंजाब में कई बड़ी वारदातों को बिक्कर ने अंजाम दिया। वर्ष 2019 में तरनतारन बम धमाका हुआ। उस मामले में स्थानीय पुलिस ने लगभग दर्जन के करीब अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें कई अपराधी जेल की सलाखों के पीछे हैं। मामला मोहाली की एनआईए की स्पेशल न्यायालय में चल रहा हैं।
जांच-प्रक्रिया को आगे राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने हाथ ले लिया। एनआईए की जांच पड़ताल में सामने आया कि तरनतारन बम धमाका का मेन साजिशकर्ता विदेश में बैठा बिक्कर सिंह हैं। टीम ने इंटरपोल की मदद से बिक्कर के बारे जानकारी साझा की। पिछले समय ऑस्ट्रिया की सुरक्षा एजेंसी की मदद से स्थानीय पुलिस ने बिक्कर को हिरासत में ले लिया। इस बात की जानकारी भारतीय एजेंसी से साझा की। पूरे दस्तावेज प्रमाण सहित वहां की अदालत में पेश किए गए। इसके उपरांत भारतीय एजेंसी को बिक्कर का भारत में प्रत्यर्पण करने की स्वीकृति हासिल हुई।
पूर्व उप-मुख्यमंत्री को मारने की थी साजिश
सूत्रों से पता चला है कि बिक्कर ने विदेश से पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को जान से मारने की योजना बनाई थी। इसके लिए स्थानीय लोगों की मदद ली गई। उन्हें हवाला के माध्यम से फंडिंग हुई। बम बनाने के लिए, उन्हें ट्रेंड तक किया गया। इस बात का खुलासा पकड़े गए आतंकियों ने पूछताछ दौरान किया। पता चला है कि पिछले समय बम भी तरनतारन से हासिल हुए थे। इन बम के माध्यम से पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश थी।
बम बनाने का माहिर बिक्कर
सूत्रों ने इस बात का भी दावा किया कि बिक्कर बम बनाने का माहिर हैं। इसकी ट्रेनिंग पाकिस्तान से ले रखी हैं। लंबे समय से विदेश में कई देश में अपनी ठिकाना बदल-बदलकर रहने लगा। क्योंकि, भारतीय एजेंसियों ने इसकी नाक में दम कर रखा था। रेड कॉर्नर नोटिस लंबे समय से जारी हैं। इंटरपोल के पास मामला पहले ही पहुंच चुका था। पता चला है कि ऑस्ट्रिया में बिक्कर की गिरफ्तार कुछ समय पहले हुई थी। लेकिन, प्रत्यर्पण की स्वीकृति अब जाकर मिली हैं।

