शर्म  की बात…………….देश के लिए सोना जीतने वाली महिला पहलवानों को नहीं मिला इंसाफ…अब सिद्धू उनके समर्थन में जंतर-मंतर में देंगे धरना

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़। 

कितने शर्म की बात है कि देश के लिए सोना जीत कर लाने वाले पहलवानों को अपने हकों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा हैं। इतना ही नहीं, जिसके खिलाफ आरोप लगे है, उसके खिलाफ अब तक पुलिस ने मामला तक नहीं दर्ज किया। इस मामले ने अब राजनीति रंग ले लिया। खासकर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह ने इनके समर्थन में ऐलान किया कि वह सोमवार को जंतर मंतर पर पहलवानों का साथ देने जाएंगे। 

दरअसल, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन जारी है। पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक सहित कई खिलाड़ी रविवार से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं। सिद्धू ने ट्वीट किया-चौंकाने वाली बात यह है कि 9 जानी मानी महिलाओं ने शिकायत की और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।

यह भारतीय इतिहास में समय के गाल पर एक आंसू होगा…… कोई भी देश जो अपनी महिला आइकन का अपमान करता है, वह अपने ही गौरव को ठेस पहुंचाता है, इन महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने लाखों लोगों की आकांक्षाओं को पंख दिए हैं, उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाना भारत के गौरव को चोट पहुंचा रहा है… क्या हमारे देश के बड़े-बड़े लोग कानून से ऊपर हैं? कानून को एक निवारक स्थापित करना चाहिए कि पीढ़ियों को महिलाओं का अपमान करने से पहले कांपना चाहिए, एक अच्छा उदाहरण सबसे अच्छा उपदेश है जो आप दे सकते हैं…… सोमवार को उनसे मिलने जाएंगे और उनके सत्याग्रह में शामिल होऊंगा…।

यह है पूरा प्रकरण 

जनवरी में पहलवानों ने पहली बार कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर में धरने पर बैठे थे। पहलवानों कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर मनमाने तरीके से संघ चलाने और कई महिला पहलवानों का यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती संघ के कामकाज को दूर कर दिया गया और उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए समिति बना दी गई। इस समिति ने पांच अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके बाद पहलवानों ने रविवार 23 अप्रैल को फिर से दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

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