एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
विवाह समारोह से शराब पीकर कार चलाने वालों की अब खैर नहीं, क्योंकि, मुख्यमंत्री कार्यालय से एक पत्र डीजीपी पंजाब को जारी किया गया है कि ऐसा करते पकड़े जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानून के तहत बड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मैरिज पैलेस के बाहर अब पुलिस का नाका भी पक्का लगा रहेंगा। कइच लोग सीएम के फैसले का स्वागत कर रहे है, जबकि, विपक्षी पार्टी के लोग इस कानून को जनता पर थोपने का आरोप लगा रहे हैं। इस फैसले ने सरकार की मंशा को साफ कर दिया गया कि अब लोगों उनके घर सुरक्षित पहुंचाना होगा। क्योंकि, शराब पीकर कार चलाने से पंजाब में कई सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। अब इस सख्ती से इस बात का फायदा तो जरूर होगा कि सड़क दुर्घटना में कमी आ सकती हैं।
डीजीपी ने किया पुलिस को अलर्टपंजाब पुलिस हुई सतर्क
पंजाब सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने पूरी पुलिस बल को सड़क हादसों की दर में कमी लाने के लिए तैयारी पुख्ता करने को कहा है। परिणामस्वरुप, अब हर मैरिज पैलेस के बाहर पुलिसकर्मी शादियां में पहुंचने वाले मेहमानों की गाड़ियों की चेकिंग और एल्को सेंसर किट से टेस्ट करते नजर आएंगे।
कैप्टन सरकार ने दी थी राहत
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर छह महीने की कैद या 10 हजार रुपए जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। लेकिन दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 साल की जेल या 15 हजार रुपए जुर्माना या फिर दोनों हैं। लेकिन पंजाब में पूर्व कैप्टन सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट- 2019 लागू करते हुए ड्रंक एंड ड्राइव पर होने की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाई का सेक्शन हटा दिया था।
इसके बदले पंजाब कांग्रेस सरकार ने एक नया सेक्शन एड किया, जिसके तहत मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम स्थिति में ड्राइविंग पर 1 हजार रुपए का प्रावधान किया था। ड्रिंक एंड ड्राइव के तहत केंद्र सरकार द्वारा तय जुर्माना राशि पंजाब में लागू नहीं है।

