वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा.चंडीगढ़।
भगौड़े अमृतपाल सिंह के खिलाफ रासुका लगने जा रहा हैं। यह प्रक्रिया लगभग मुकम्मल हो चुकी हैं। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से लगाया जाता हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम -1980 (NSA), इसलिए भी अमृतपाल के खिलाफ अनिवार्य हो चुका था, क्योंकि, वह हमेशा ही भारत देश तथा सरकार के खिलाफ जहर उगलता था तथा भारत का हिस्सा पंजाब को अलग देश खालिस्तान की मांग करता आया हैं। ऊपर से अपनी पकड़े गए साथी को जेल से छुड़वाने के लिए पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ढाल बनाया। एक प्रकार से यह बेअदबी का मामला भी हैं।
उधर, अमृतसर के करीबी लगभग 6 साथियों को वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से भारी सुरक्षा के बीच असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि अमृतपाल के पकड़े जाने पर उसका अगला घर डिब्रूगढ़ जेल ही होगा। अब इस मामले में केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से फैसला लिया। उधर, पकड़े गए अपराधियों के साथ आईजी सहित टीम के 26 लोग भी शामिल थे।
असम में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया। किसी भी समय पकड़े गए अपराधी यहां पहुंच सकते हैं। फिलहाल, पंजाब में विपक्ष ने राज्य सरकार तथा केंद्र की इस फैसले का स्वागत किया। कईयों ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर पूर्व में यह कार्रवाई हो जाती है तो शायद इतना बवाल नहीं होता। उनका इशारा अजनाला हिंसा की तरफ था।

