आप सरकार एक्शन मोड में….लापरवाही-देरी करने वाले 42 बाबू एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।

आम लोगों को सेवाएं प्रदान करने में लापरवाही और देरी करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग की तरफ से 42 अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें शामिल तीन अधिकारियों में दो सीनियर सहायक और एक सहायक एस्टेट ऑफिसर को ड्यूटी में कोताही करने के लिए चार्जशीट किया गया है। विभाग की तरफ से यह कार्रवाई हाउसिंग निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री अमन अरोड़ा के निर्देश पर की गई।


अमन अरोड़ा ने बताया कि लोगों को समय पर सेवाएं प्रदान करने के लिए आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग ने ऑनलाइन प्रणाली स्थापित की है, जिस पर विभाग को प्राप्त आवेदनों और फाइलों की सीनियर अधिकारियों और खुद उनकी तरफ से निजी तौर पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने प्रत्येक केस की पेंडेंसी की निजी तौर पर पड़ताल की।


जांच में सामने आया है कि विभाग के 45 अधिकारी व कर्मचारी जिन्हें अब कारण बताओ नोटिस जारी किया हैं, उनके पास सबसे अधिक पेंडेंसी है। इनमें से तीन को कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने और ड्यूटी में कोताही करने के लिए चार्जशीट किया गया है। अमन अरोड़ा ने कहा कि मामलों की क्लीयरेंस में अनावश्यक देरी से जहां लोगों को परेशान होना पड़ता है। वहीं अनैतिक और भ्रष्ट तरीकों का जन्म होता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


इन अफसरों को किया गया चार्जशीट
जिन तीन अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है, उनमें जसपाल कौर सहायक इस्टेट अफसर पटियाला विकास अथॉरिटी, राजेश कुमार सीनियर सहायक (लेखा) अमृतसर विकास अथॉरिटी और परमिंदर सिंह सीनियर सहायक एस्टेट दफ्तर गमाडा शामिल हैं।


इन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस
जिन 42 अधिकारियों/ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हैं, उनमें अमृतसर विकास अथॉरिटी का एक जूनियर इंजीनियर (सिविल), जालंधर विकास अथॉरिटी के चार जूनियर इंजीनियर, बठिंडा विकास अथॉरिटी का एक सेक्शन अफसर (एसओ) और एक सीनियर सहायक (लेखा) और गलाडा के चार सीनियर सहायक (लेखा), एक सहायक इस्टेट अफसर, एक सब डिवीजन इंजीनियर (सिविल), एक सुपरिटेंडेंट और एक एसओ शामिल हैं।

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