एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
शिअद के वरिष्ठ नेता रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा का मंगलवार सुबह निधन हो गया। अंतिम सांस पीजीआई चंडीगढ़ में ली। बताया जा रहा है कि ब्रह्मपुरा का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुई। उनकी मौत के उपरांत, प्रकाश सिंह बादल., सुखबीर सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर से लेकर सामाजिक तथा राजनीति से जुड़ी बड़ी शख्सियतों ने परिवार के साथ संवेदना जताई। सियासत में वह कई बार कैबिनेट मंत्री से लेकर सांसद रह चुके हैं। देश के कई बार के प्रधानमंत्री तथा प्रकाश सिंह बादल जैसे मुख्यमंत्री के साथ उनका निकटतम संबंध रहा।
माझा की राजनीति में रखते थे ऊंचा कद
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने अपना राजनीतिक करियर सरपंच चुनावों से शुरू किया था। इस दौरान वह 4 बार विधायक, 2 बार कैबिनेट मंत्री और एक बार सांसद चुने गए। राजनीति में उनके बढ़ते कद को देखते हुए ही उन्हें माझे का जरनैल कहा जाता था। यह उपाधि आगे चलकर बिक्रम सिंह मजीठिया को दी गई।2022 चुनावों में दूसरे सबसे उम्रदराज उम्मीदवार थे
2022 पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले रणजीत ब्रह्मपुरा ने अकाली दल को दोबारा ज्वाइन किया था। इसके बाद अकाली दल ने उनके बेटे की जगह उन्हें तरनतारन की खडूर सभा सीट से अपना उम्मीदवार उतारा था। तब वह 84 साल के थे और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बाद दूसरे सबसे उम्रदराज उम्मीदवार थे।

