एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
पंजाब के लोगों से लूटे गए एक-एक पैसे की वसूली के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों में पर्ल्स ग्रुप की सभी संपत्तियों की शिनाख्त करने को कहा है, ताकि इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त रोकी जा सके। डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और एसएसपी के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नर अपने-अपने जिले में ग्रुप की संपत्तियों की शिनाख्त करके राज्य सरकार को रिपोर्ट दें।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस लोढ़ा कमेटी के निर्देश के अनुसार इस संपत्तियों की राज्य स्तर पर सूची तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्ल्स ग्रुप ने लोगों के साथ वित्तीय धोखा किया है और उन्हें इस गुनाह के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर या एसएसपी संपत्तियों की शिनाख्त के लिए एसडीएम और डीएसपी को अपनी सब डिवीजनों के नोडल अफसर के तौर पर नियुक्त करें। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए माल रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
काम को प्राथमिकता दी जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि माल रिकॉर्ड में रेड एंट्री की जाए, ताकि कोई भी इन संपत्तियों को खरीद या बेच न सके। उन्होंने कहा कि इस काम को प्राथमिकता दी जाए। मान ने मुख्य सचिव और डीजीपी से कहा कि वह इस काम को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए निजी तौर पर निगरानी करें। इस मौके पर मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए वेणु प्रसाद, डीजीपी गौरव यादव और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
भगवंत मान ने ही संसद में उठाया था मामला
पंजाब में करीब 10 लाख लोग पर्ल्स ग्रुप की ठगी का शिकार हुए थे। पर्ल्स ग्रुप ने पूरे देश में करीब साढ़े पांच करोड़ लोगों से प्रॉपर्टी में निवेश कराया और इससे करीब 60 हजार करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। बाद में निवेशकों को फर्जी अलॉटमेंट लेटर थमा दिए और कंपनी सारा पैसा हड़प गई। भगवंत मान जब संगरूर से लोकसभा सांसद थे, उस दौरान उन्होंने पर्ल्स ग्रुप की धोखाधड़ी का मुद्दा संसद में उठाया था।
लोढ़ा कमेटी को सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने पर्ल्स ग्रुप की उच्चस्तरीय जांच का आदेश जारी किया था। हालांकि इस जांच के नतीजों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया लेकिन मान सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढा कमेटी को सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी बेचकर निवेशकों को उनका पैसा लौटाया जाएगा। गौरतलब है कि लोढ़ा कमेटी द्वारा जांच के दौरान करीब डेढ़ लाख निवेशक कमेटी के समक्ष पेश हुए थे। कमेटी ने पंजाब सरकार को पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी नीलाम करने की सिफारिश की थी।

