एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
जालंधर उप चुनाव को लेकर बाहुबली मुख्तार अंसारी का मुद्दा साफ तौर पर गूंज रहा हैं। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने मुख्तार अंसारी पर खर्च 55 लाख रुपये वकीलों की फीस देने से मना कर दिया है। भगवंत मान का कहना है कि मुख्तार अंसारी से जिसने दोस्ती निभाई है वही उसे भरेगा, उनका इशारा साफ तौर पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तरफ था। मुख्तार अंसारी जिस वक्त पंजाब की रोपड़ जेल में रहा उस वक्त प्रदेश में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार रही है।
उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्तार अंसारी के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान को नसीहत दी है कि वह देख समझ कर बोला करें।कैप्टन ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को पहले समझना पड़ेगा कि सरकार कैसे चलती है? जब पुलिस की जांच होती है तो जांच अधिकारी उसे जांच को बुलाता है। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर जाता है। उसी प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस अंसारी को लेकर गई थी। साथ में तंज भी कसा कि जैसे अभी हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी बठिंडा जेल से लॉरेंस को दिल्ली में ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गई है।
विजिलेंस का दुरुपयोग कर रही आप सरकार
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब में सरकार विजिलेंस का दुरुपयोग कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पर कैप्टन ने कहा कि चन्नी पर अगर कोई भ्रष्टाचार का सबूत है तो विजिलेंस बुलाए लेकिन यहां बिना कारण अंदर डाला जा रहा है। मान सरकार विजिलेंस का दुरुपयोग करके 15 लोगों को टारगेट कर चुकी है, ऐसा करके वह क्या साबित करना चाहती है?
अमृतपाल पर कैप्टन ने दिया बड़ा बयान
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को जालंधर में भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा के साथ मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमृतपाल को 36 दिन बाद नहीं बल्कि पहले दिन ही पकड़ कर जेल में बंद करना चाहिए था, क्योंकि पंजाब के माहौल को खराब करने की साजिश पंजाब से रची जा रही है।

