वरिष्ठ पत्रकार.बठिंडा।
4 सैनिकों की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई। इन्हें मौत के घाट उतारने वाला खुद भी सैनिक निकला। इतना ही नहीं पुलिस तथा सेना की जांच-पड़ताल के दौरान, उनके साथ घूमता रहता एवं उन्हें अपनी बातों में उलझाता रहा। पर्दाफाश तब हुआ, जब पुलिस तथा सेना के जांच दल को उसकी कहानी पर शक हुआ। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ आरंभ हुई तो एक-एक करके सारे राज उगल दिए। प्राथमिक जांच-पड़ताल में सामने आया कि उसने हत्या इसलिए की क्योंकि, मृतक उसके साथ मानवीय तरीके से व्यवहार करते थे। सोच लिया कि उन्हें मौत के घाट उतार कर अपना बदल ले लेंगे। हत्या को अंजाम देने वाले सैनिक की पहचान देसाई मोहन आंध्र प्रदेश का रहने वाले के तौर पर हुई। पुलिस ने गिरफ्तार कर , उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इस बात की पुष्टि सेना के उच्च अधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों ने कर दी।
पंजाब के बठिंडा स्थित मिलिट्री स्टेशन में सेना के चार जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या करने वाला आरोपी गनर देसाई मोहन पांच दिन तक जांच टीम के साथ घूमता रहा और मनगढ़ंत कहानी से गुमराह करता रहा। जब वह जवानों पर गोलियां चला रहा था तो नजदीकी पोस्ट पर तैनात जवान ने सेना के कंट्रोल रूम पर सूचना देकर अलर्ट किया था। जवान ने कंट्रोल रूम को बताया था कि उसकी पोस्ट के पास गोलियां चल रही हैं। जब तक बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे तब तक आरोपी हथियार छिपा चुका था।
मासूम चेहरा बनाकर घूमता रहा
घटना के बाद देसाई मोहन अपने मेजर शुक्ला के पास मासूम चेहरा लेकर आंसू बहाने लगा और सेना अधिकारियों ने भी उसकी बातों पर यकीन करते हुए थाना कैंट में दर्ज करवाई एफआईआर में उसे चश्मदीद के तौर पर जांच में शामिल किया। देसाई मोहन आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। वह बठिंडा कैंट में 2021 से तैनात है। ड्यूटी पर उसे एलएमजी मिली थी लेकिन उसने चोरी के हथियार से वारदात को अंजाम दिया।

