EX-CM-BADAL–पार्थिव देह गांव बादल पहुंची, पुश्तैनी खेतों में होगा अंतिम संस्कार, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि 

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़। 

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की पार्थिव देह लेकर उनका परिवार बुधवार रात सवा 10 बजे पैतृक गांव, बादल पहुंच गया। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 1 बजे किया जाएगा। गांव के श्मशान घाट में जगह कम होने के कारण पूर्व सीएम का संस्कार उनके पुश्तैनी खेतों में किया जाएगा। इसके लिए खेतों में दो एकड़ में खड़ा किन्नू का बाग उखाड़कर चबूतरा बनाने का काम बुधवार देर शाम तक पूरा कर लिया गया।


इससे पहले बुधवार सुबह पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए चंडीगढ़ स्थित अकाली दल के कार्यालय में रखा गया। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम दर्शनों के बाद परिवार पार्थिव शरीर को लेकर चंडीगढ़ से बादल गांव के लिए रवाना हुआ। राजपुरा, पटियाला, संगरूर, बरनाला और बठिंडा होते हुए परिवार मुक्तसर जिले में पड़ते बादल गांव पहुंचा।

सांस लेने में थी तकलीफ


बादल का मंगलवार रात को 95 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद 16 अप्रैल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 25 अप्रैल की शाम 7.42 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रकाश सिंह बादल 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे।


2 दिन का राष्ट्रीय शोक


प्रकाश सिंह बादल देश की राजनीति के सबसे बुजुर्ग नेता थे। उनके निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दौरान पूरे देश में लगा राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सभी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। पंजाब में कल गुरुवार को सरकारी छुट्टी की घोषणा की गई है।


नरेंद्र मोदी भी प्रकाश सिंह बादल के पैर छूते थे


भारतीय राजनीति में प्रकाश सिंह बादल के कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके पैर छूते थे। 75 साल के राजनीतिक जीवन के दौरान बादल 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने लगातार 11 चुनाव जीते। वर्ष 2022 में बादल अपनी परंपरागत सीट लंबी से चुनाव हार गए थे। उसके बाद वह सियासी तौर पर ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों का विरोध हुआ तो उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया था। इसके बाद प्रकाश सिंह बादल ने अपना पद्म विभूषण तक लौटा दिया था।

100% LikesVS
0% Dislikes