HIGH-COURT–अनुकंपा के आधार पर नौकरी से इनकार……पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा 

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़। 

अनुकंपा के आधार पर नौकरी से इनकार करने के पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला, मृतक कर्मचारी की बेटी विवाहित से जुड़ा है।

अदालत को यह बताया गया

याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी हरजोत रानी ने एडवोकेट सन्नी सिंगला व रिति अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसके पिता पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। 2010 में सेवा के दौरान उसके पिता की मौत हो गई थी। तब याची ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। याची का आवेदन खारिज करते हुए 2004 की नीति के तहत पंजाब सरकार ने उसे केवल मुआवजा देने का निर्णय लिया था।

इस बात का भी दिया गया हवाला


इसके बाद 6 दिसंबर 2022 को पंजाब सरकार ने नीति के तहत मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्णय लिया और इसके लिए आवेदन मांगे गए। याची को भी इस संबंध में पत्र मिला और उसने इसके लिए आवेदन किया। याची का आवेदन केवल इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया, क्योंकि वह विवाहित है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पंजाब सरकार का यह निर्णय कानून के अनुरूप सही नहीं है। याचिका में हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के कई आदेश का हवाला देते हुए इस निर्णय को रद्द करने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पीएसपीसीएल व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।

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