एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
10 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में नामजद यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ मोहाली अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई में आरोप तय हो गए हैं। इस मामले में अब अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू होगी।
मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल
मुख्तार अंसारी इस समय यूपी की बांदा जेल में बंद है। उसके खिलाफ 2019 में मोहाली के एक नामी बिल्डर ने पुलिस को शिकायत दी थी। उसका आरोप था कि अंसारी ने 10 करोड़ की रंगदारी मांगी है। फोन करने वाले ने अपना नाम मुख्तार अंसारी बताया था। इसके बाद मटौर पुलिस ने उस पर केस दर्ज कर लिया है। इसके बाद पुलिस उसे यूपी की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। 10 मार्च को मोहाली पुलिस ने अंसारी के खिलाफ आईपीसी की धारा -386, 506 व 201 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
अंसारी को वीआईपी सुविधाएं दी गई
बता दें कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के समय अंसारी को रोपड़ जेल में दो साल तीन महीने तक ऐसी बैरक में रखा गया, जहां 25 कैदी रह सकते थे। आरोप है कि उस बैरक में अंसारी को वीआईपी सुविधाएं दी गई और उसकी पत्नी भी साथ रही। इस मामले ने पंजाब में उस समय तूल पकड़ा जब कैप्टन सरकार में अंसारी की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की खातिर नियुक्त वकील की 55 लाख रुपये फीस अदा करने की जिम्मेदारी आप सरकार पर आ गई। आप सरकार ने साफ कहा कि वह किसी अपराधी के लिए जनता का पैसा बर्बाद नहीं करेगी।

