एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों पर शिकंजा कसने से पंजाब के साथ चंडीगढ़ में भी हलचल बढ़ गई है। पुलिस ने पंजाब के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास और चंडीगढ़ की सभी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं, चंडीगढ़ के डीसी विनय प्रताप सिंह ने शहर में धारा-144 लागू कर धरना-प्रदर्शन और हथियार रखने पर रोक लगा दी है।
सीमाओं पर पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई
नयागांव समेत अन्य सीमाओं पर पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। 29 मार्च से चंडीगढ़ में जी-20 की बैठक होने जा रही है। इस वजह से भी चंडीगढ़ में सुरक्षा बेहद कड़ी कर गई है। चंडीगढ़-मोहाली सीमा समेत नौ जगहों पर पुलिस के साथ बीएसएफ की तैनात कर दी गई है। सभी जगह नाके लगाकर शहर में प्रवेश होने वाली गाड़ियों की जांच की जा रही है। पुलिस की तरफ से बताया गया कि कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए लगाए गए नाके अगले कुछ दिनों तक 24 घंटे लगे रहेंगे। इसके अलावा 27 मार्च से शहर को छह दिन के लिए नो फ्लाइंग जोन भी घोषित किया गया है।
किसी भी प्रदर्शन से पहले अनुमति लेनी होगी
डीसी विनय प्रताप सिंह की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, शहर में किसी भी प्रदर्शन से पहले अनुमति लेनी होगी। प्रशासन ने पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किया था लेकिन शहर में धरने प्रदर्शन जारी रहे और अब फिर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। धारा-144 के तहत पांच या उससे अधिक लोग अगर शहर के सार्वजनिक स्थल पर कानून व्यवस्था को भंग करते हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि प्रशासन को ये सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग शहर में धरना-प्रदर्शन कर शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके चलते ही धारा-144 लागू की गई है। यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री और सरकारी कर्मचारियों पर कामकाज के दौरान लागू नहीं होंगे। आदेश 21 मार्च से लागू होकर 19 मई तक प्रभाव में रहेगा।

