तरनतारन से बरामद हुआ रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड…..आईजी  ने की पुष्टि, किसी घर में छिपा रखा था, वारदात को अंजाम देने वाले निकले नाबालिग

एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।

पंजाब पुलिस ने सरहद पार से आए एक आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) को तरनतारन से बरामद किया है। इस आरपीजी का इस्तेमाल भी आतंकी हमले में किया जाना था। सूत्रों से सूचना मिली थी कि सीमा पार से तीन आरपीजी आए थे, जिनमें से दो का इस्तेमाल मोहाली व तरनतारन में आतंकी हमले में किया गया था। तीसरा आरपीजी अब भी आतंकियों के पास था। इस सूचना के बाद पुलिस ने अपनी सर्विलांस तेज की और तीसरे आरपीजी को तरनतारन से बरामद किया है।


वहीं, सरहाली थाने पर हुए आतंकी हमले में शामिल उन दो लोगों की पहचान हो गई है, जिन्होंने आठ दिन तक आरपीजी अपने घर पर रखा था। आरोपी हीरा सिंह और कुलदीप सिंह गांव चंबा तरनतारन के रहने वाले हैं। आईजी (हेडक्वार्टर) सुखचैन सिंह गिल ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरपीजी दागने वाले दोनों नाबालिग चंद पैसों के लिए वारदात में शामिल हुए थे। यूरोप में बैठे आतंकियों को भारत लाने के लिए मामला केंद्र सरकार के ध्यान में लाया जा रहा है।


बीएसएफ-पुलिस कर रही मिलकर कार्य
उन्होंने (आईजी) बताया कि तरनतारन हमले के बाद सरहदी एरिया में आतंकियों से निपटने, नशा व हथियारों की तस्करी रोकने के लिए बीएसएफ और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं। फ्रंटलाइन पर बीएसएफ व सेकेंड लाइन पर पंजाब पुलिस और आर्म्ड बटालियन काम कर रही हैं। इसके अलावा पहली बार बीएसएफ व पंजाब पुलिस मिलकर नाकेबंदी कर रहे हैं। पेट्रोलिंग पार्टियों की संख्या में बढ़ोतरी की गई। इसके अलावा गांवों में डिफेंस समितियां गठित की थी क्योंकि बॉर्डर के पास दो-तीन किलोमीटर तक वाहन नहीं जाता है। पंजाब पुलिस व बीएसएफ में कोऑर्डिनेशन बढ़ा है। इसके अलावा जितने भी केस बीएसएफ पकड़ रही है उसे सीधे ही पंजाब पुलिस को सौंपा जा रहा है।

100% LikesVS
0% Dislikes