एसएनई नेटवर्क.चंडीगढ़।
कैंसर जैसे घातक रोग से जंग लड़ रहे पंजाब में अब एचआईवी एक नई चुनौती बनकर उभरा है। एक साल में पूरे राज्य में 10,109 नए एचआईवी संक्रमित मरीज सामने आए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि संक्रमित लोगों में 88 किशोर हैं। उनकी उम्र 15 साल से भी कम है। औद्योगिक नगरी से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले लुधियाना जिले में पूरे सूबे में सबसे ज्यादा 1711 केस सामने आए हैं। इसके बाद बठिंडा में 1544, अमृतसर में 836, फरीदकोट में 708 और तरनतारन में 520 मामले सामने आ चुके हैं। यह जानकारी पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में विधायक डॉ. नच्छत्तर पाल के सवाल के उत्तर में दी। वहीं, उन्होंने कहा कि बीमारी से लड़ने की जंग भी चल रही है।
कुल संक्रमितों में 8155 पुरुष और 1847 महिलाएं
पंजाब में एचआईवी केसों की संख्या में बढ़ने के पीछे का मुख्य कारण नशा माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार एक सिरिंज से कई लोग नशा करते हैं। यही वजह है कि प्रदेश में एचआईवी के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। बच्चे भी इस वजह से शिकार हो रहे हैं। हालांकि कई अन्य कारण भी इसके पीछे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों में 8155 पुरुष और 1847 महिलाएं हैं। वहीं 19 ट्रांसजेंडर तो 56 लड़के और 32 लड़कियां शामिल हैं। यह आंकड़े जनवरी तक के रिकॉर्ड में सामने आए है।
नशे की एक सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल करना अहम वजह
कृष्ण सोनी, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, पीजीआई (चंडीगढ़) ने बताया कि एचआईवी संक्रमित होने के कई कारण होते हैं लेकिन 15 साल से कम उम्र के बच्चों में ज्यादातर नशे की एक सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल करना अहम वजह है। नाबालिग बच्चे बीमारियों और नशे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं। इस कारण वह एक-दूसरे की इस्तेमाल की गई सीरिंज का नशे में इस्तेमाल करते हैं। इससे एचआईवी संक्रमण बच्चों में फैल सकता है।

