वरिष्ठ पत्रकार.नाभा/ पटियाला।

नाभा में पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई। महिला डीएसपी मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि उनके साथ कुछ किसानों ने बदतमीजी तथा धक्का-मुक्की की। उधर, किसान संगठन ने महिला डीएसपी के आरोपों को झूठा करार दिया तथा कहा कि उलटा डीएसपी अपनी कार को उन पर चढ़ाने का प्रयास किया। फिलहाल, मामले को लेकर पुलिस के किसी बड़े अधिकारी का बयान सामने नहीं आया। दरअसल, किसान डीएसपी मनदीप कौर के कार्यालय के बाहर शंभू मोर्चे के समय खोई हुई ट्रालियों से जुड़े मामले में धरना दे रहे थे।
डीएसपी का बयान
डीएसपी ने कहा कि उन्होंने किसानों से कहा था कि रास्ता न रोका जाए और सभी लोग दिए गए मार्ग से आ-जा सकते हैं। किसानों ने शुरुआत में आश्वासन दिया कि वे रास्ता नहीं रोकेंगे और अलग जगह पर प्रोटेस्ट करेंगे। लेकिन कुछ समय बाद किसानों ने रास्ता रोककर धरना देना शुरू कर दिया। जब वह किसानों से बातचीत करने गई, तभी कुछ किसानों ने उनका जूड़ा खींचा और वर्दी खींचकर गलत व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि धरना देने वाले कुछ लोग असल में किसानों के भेष में गुंडे थे।

वहीं किसान नेता गमदूर सिंह बोले- हम तो शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे और इंसाफ की मांग कर रहे थे। लेकिन डीएसपी ने हमारे साथ बदतमीजी की और गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। हमारे कपड़े तक फाड़ दिए।

