SNE NETWORK.WORLD DESK.

(LIVE-IMAGE-BY-SNE-NEWS)
इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर बड़ा हमला किया। सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इजराइली हमले मे ईरानी रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई। इससे पहले ईरानी न्यूज एजेंसियों ने बताया था कि दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 40 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं।
इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के 10 शहरों पर एयरस्ट्राइक की है। हमले के बाद ट्रम्प ने वीडियो जारी कर कहा कि ईरान पर यह हमला अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए किया गया है।जवाब में ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया।

ईरान और इजराइल के हमले की तस्वीरें… (LIVE-IMAGE)

कतर में ईरानी मिसाइल हमले के दौरान का फुटेज। (CREDIT-BY-SNE-NEWS-IMAGE)

अबू धाबी में ईरानी हमले के बाद का यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल है। (CREDIT-BY-SNE-NEWS-IMAGE)

बहरीन के मनामा में अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी हमले के बाद उठता धुंआ। (CREDIT-BY-SNE-NEWS-IMAGE)

ईरान में हमले के बाद एक व्यक्ति मलबे के नीचे दब गया। (CREDIT-BY-SNE-NEWS-IMAGE)

दक्षिणी ईरान के स्कूल पर इजराइली मिसाइल हमले के बाद का फुटेज। इस हमले में 40 लड़कियां मारी गई हैं। (CREDIT-BY-SNE-NEWS-IMAGE)
इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) रखा है। ये हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में ईरान पर हमले की धमकी दी थी। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइलों को तबाह करने और उसके मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं।

