WORLD-UPDATE…आखिर, किस बात को लेकर फिर से अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर वार्ता रुकी…. जानेंगे, किन-किन जगह पर हुए हमले का किया गया दावा…?

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SNE NETWORK.WORLD-DESK.

ईरान ने अमेरिका के साथ सीजफायर वार्ता फिलहाल रोक दी है। ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने कहा है कि जब तक लेबनान में इजराइली हमले नहीं रुकते, तब तक मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि लेबनान में शांति बनाए रखना सीजफायर की अहम शर्तों में शामिल था। लेकिन अब लेबनान समेत कई मोर्चों पर इस समझौते का उल्लंघन हो रहा है।

ईरान ने गाजा और लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और लेबनानी क्षेत्र से इजराइली सेना की पूरी वापसी की मांग की है। तेहरान का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर उसकी और उसके सहयोगियों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत दोबारा शुरू नहीं होगी।

तस्नीम की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान और उसके सहयोगी होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद करने और अन्य मोर्चों को एक्टिव करने के ऑप्शन पर भी विचार कर रहे हैं। इनमें लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित बाब अल-मंदेब स्ट्रेट भी शामिल है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च को लड़ाई फिर शुरू होने के बाद से अब तक इजराइली हमलों में कम से कम 3,433 लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में 10,395 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं।

खाड़ी क्षेत्र में एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। यह जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने दी है। UKMTO के मुताबिक, यह घटना इराक के उम्म कसर बंदरगाह से करीब 74 किलोमीटर दूर समुद्र में हुई। बताया गया है कि किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल या उड़ती हुई चीज ने जहाज को टक्कर मारी, जिसके बाद बड़ा विस्फोट हुआ। फिलहाल यह साफ नहीं है कि हमला किसने किया।

अमेरिका का कहना है कि इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर को सबसे ज्यादा नुकसान हिजबुल्लाह के हमलों से पहुंच रहा है। वॉशिंगटन का मानना है कि हिजबुल्लाह लगातार इजराइल को निशाना बना रहा है, जिसकी वजह से तनाव कम होने के बजाय बढ़ रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल के दिनों में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की। इन चर्चाओं में सीजफायर को मजबूत करने और तनाव कम करने के रास्तों पर बात हुई। अमेरिका के मुताबिक, योजना यह थी कि हिजबुल्लाह इजराइल पर हमले रोक दे और बदले में इजराइल बेरूत के दक्षिणी इलाकों में अपनी सैन्य कार्रवाई न बढ़ाए।

लेबनान के एक विशेषज्ञ का कहना है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लेबनान में हुई कुछ सीमित सैन्य सफलताओं को बड़ी जीत के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। लेबनानी अमेरिकन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जाद मेल्की के मुताबिक, हाल के दिनों में इजराइल ने टायर शहर, दक्षिणी लेबनान के कई गांवों और ब्यूफोर्ट कैसल जैसे इलाकों में कार्रवाई की है। लेकिन इन कार्रवाइयों को जितना बड़ा बताया जा रहा है, असल में उनका असर उतना बड़ा नहीं है।

मेल्की ने कहा कि ब्यूफोर्ट कैसल पर कब्जे को भी बड़ी रणनीतिक सफलता बताया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार आज के दौर में इसकी सैन्य अहमियत पहले जैसी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नेतन्याहू फिलहाल मुश्किल स्थिति में हैं। एक तरफ वह लेबनान में बहुत आगे नहीं बढ़ सकते, दूसरी तरफ मौजूदा हालात को ऐसे ही बनाए रखना भी आसान नहीं है।

इजराइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है। सेना का कहना है कि इन इलाकों पर जल्द हमले किए जा सकते हैं। इजराइल ने चेतावनी दी है कि अगर हिजबुल्लाह की ओर से इजराइली शहरों और कस्बों पर रॉकेट हमले जारी रहे, तो बेरूत के दाहियेह इलाके में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि उनका देश होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही आसान बनाए रखने के लिए तैयार है। जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान चाहता है कि जहाज बिना किसी परेशानी के अपने रास्ते से गुजर सकें।

पजशकियान ने कहा कि मौजूदा दिक्कतों की बड़ी वजह अमेरिका की तरफ से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हैं। ईरान कोशिश करेगा कि जापान के जहाज आसानी से और सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकें। ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रोक दी है। इसके बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 6% बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल (डब्ल्यूटीआई) लगभग 7.5% बढ़कर 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। दरअसल, बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होगा। लेकिन बातचीत रुकने की खबर के बाद यह उम्मीद कमजोर पड़ गई।

इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान से दागे गए तीन प्रोजेक्टाइल को अपने क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही रोक दिया।सेना के मुताबिक, इन हमलों के बाद उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। इसके साथ ही सेना ने दो संदिग्ध एयर टारगेट का भी पता लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, आज पूरे दिन उत्तरी इजराइल में कम से कम छह बार सायरन बज चुके हैं।###USA###CANADA###ISRAEL###IRELAND###SWEDEN###CHINA###VIETNAM###WORLD###INDIA###@

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