पत्रकार भल्ला मारपीट मामला….अदालत का मानना….बल के क्रूर और अनुपातहीन का प्रयोग,ऐेसे में पुलिस अधिकारियों को जमानत देना गलत संकेत जाएगा ..अब जाना होगा हर हालत में जेल

पत्रकार के साथ बेरहमी से मारपीट करने वाला पुलिस इंस्पेक्टर-2

वरिष्ठ पत्रकार.बटाला /गुरदासपुर/ CHANDIGARH। 

वरिष्ठ पत्रकार बलविंदर कुमार भल्ला मारपीट मामले में अदालत ने पुलिस अधिकारियों की जमानत याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया है कि उन्होंने बल के क्रूर और अनुपातहीन का प्रयोग किया। अदालत ने इस बात पर बल दिया कि ऐसे मामले में जमानत देने से गलत संकेत जाएगा और इससे अधिकार का दुरुपयोग को बढ़ावा मिलेगा। अदालत के इस फैसले से अब कथित अपराधी पुलिस अधिकारियों का जेल जाना लगभग तय माना जा रहा है। 

फिलहाल, सूत्रों के हवाले से पता चला है कि दोनों ही कथित अपराधी अदालत के फैसले उपरांत भूमिगत हो चुके है। इतना ही नहीं, अब उनके खिलाफ जिला बटाला पुलिस प्रमुख के आदेश उपरांत एक जांच कमेटी भी गठित की गई। कमेटी एक डीएसपी के नेतृत्व में नियुक्त की गई। जांच कमेटी को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश जारी किया गया। इधर, मानव अधिकार संगठन ने पंजाब पुलिस निदेशक को इस पूरे मामले को लेकर निष्पक्ष जांच करने का मांग करते हुए अपराधी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले को लेकर कितनी गंभीरता से कदम उठाती है। 

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अदालत में पेश किए गए बिंदु पर एक नजर…….?

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आरोपी एसआई मंदीप सिंह ने अपने अधिवक्ता नवीन गुप्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दायर की। आरोपी के अधिवक्ता ने अपनी तरफ से मु्क्विल को बचाने के लिए हर प्रकार के हथकंडे का उपयोग किया। अदालत ने भी उनकी हर दलील को पूरी गंभीरता से अवश्य सुना, लेकिन अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश किए प्रमाण , दलील खासकर (सीसीटीवी) रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने भल्ला के समर्थन में फैसला सुनाते हुए बचाव पक्ष की हल दलील को नकारते हुए अग्रिम जमानत देने से साफ इंकार कर दिया। 

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बता दें कि इस मामले में थाना सिविल लाईन पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जब केस की जांच पड़ताल का दायरा बढ़ा तो पुलिस ने इस केस में 2 पुलिस अधिकारी एसआई मंदीप सिंह, एसआई सुरजीत सिंह को नामजद किया। उनके खिलाफ जांच में यह आरोप साबित हुआ कि इन्होंने वरिष्ठ पत्रकार बलविंदर कुमार भल्ला को होटल के बाहर काफी बुरी तरह से पीटा। ऐसे में भल्ला बुरी तरह से बेहोश हो गए। 

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अदालत ने इस बात को भी माना कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे कथित पुलिस अधिकारी भल्ला को बुरी तरह से पीट रहे है। भल्ला की मेडिकल रिपोर्ट में 7 गंभीर चोटें भी सामने आई। ऐसे में भल्ला के साथ हुई मारपीट की इस रिपोर्ट में पुष्टि हो जाती है। यहां पर यह बात भी सामने आई कि कथित पुलिस अधिकारियों ने भल्ला पर किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल किया था। 

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अब पुलिस पर टिकी है खास नजर?

वरिष्ठ पत्रकार भल्ला के साथ हुई मारपीट मामले में कथित गुनाहगार पुलिस अधिकारियों को सलाखों के पीछे डालने में हर किसी की पुलिस जांच की टीम पर नजर टिकी है। क्योंकि, पता चला है कि कथित अपराधी इस मामले को लेकर भूमिगत हो चुके है। उधर, केस के जांच अधिकारी इस बात का अवश्य दिलासा दे रहे है कि कानून की नजर में हर कोई नागरिक एक सामान है। ऐसे में अब देखना होगा कि बटाला पुलिस कब और कितने समय में कथित अपराधी पुलिस अधिकारियों को जेल की सलाखों के पीछे डालने में सफल होती है। फिलहाल, वरिष्ठ पत्रकार भल्ला अब तक पुलिस जांच की प्रशंसा कर रहे है, उनके मुताबिक, पुलिस ने उनका हर बिंदु पर सहयोग दिया। उम्मीद करता हूं कि आगे भी इसी प्रकार का सहयोग बटाला पुलिस से मिलता रहेगा। 

जानिए, कौन है वरिष्ठ पत्रकार भल्ला…?

बलविंदर कुमार भल्ला पत्रकार पेशे से काफी लंबे से जुड़े है। माना जाता है कि वह काफी सहज सभाव के व्यक्ति है। हमेशा ही अपनी पत्रकारिता की कलम से गरीबों तथा दबे-कुचलों की आवाज बनकर उन्हें इंसाफ ही दिलाया है। उनकी सराहनीय कार्यशैली की वजह से कई बार सम्मानित किया गया। पत्रकार भल्ला के साथ हुए जुल्म को देखते हुए अब हिंदोस्तान के कई पत्रकार संगठन उनके समर्थन में आ चुके है। उन्होंने इस बात का दावा किया है कि वह तब तक अपने पत्रकार भाई भल्ला के साथ खड़े है, जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला जाता। अगर जरुरत पड़ी तो पूरे हिंदोस्तान में इस मुद्दे को लेकर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। पुलिस को जल्द से जल्द कथित अपराधी पुलिस अधिकारियों को जेल की सलाखों में डालना होगा। 

…समझिए, इस रिपोर्ट में क्या था पूरा मामला…?

1 अगस्त 2025 को वरिष्ठ पत्रकार भल्ला बाथरुम जाने के लिए एक होटल में जाते है। वहां पर पूर्व में उपस्थित उन्हें 2 संदिग्ध दिखाई देते है। एक ने खाकी वर्दी डाल रखी थी, जबकि, उसका अन्य साथी सिविल में था। इस बीच बिना बात को लेकर दोनों ही भल्ला के साथ विवाद करने लग पड़ते है। किसी तरह अन्य लोगों की मदद से विवाद को समाप्त करवा दिया जाता है। लेकिन, जब भल्ला होटल के बाहर निकलते है तो दोनों कथित हमलावर उसे बीच सड़क में रोक कर आम जनता के समक्ष पीटना आरंभ कर देते है। उसके सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी नुकीले पदार्थ से तब तक हमला किया जाता है, जब तक वह बेहोश नहीं हो जाते। खून से लथपथ भल्ला जमीन पर गिर जाते है। ऐसे में उनके जानकार इलाज के लिए अस्पताल ले जाते है। कथित अपराधी मौके से फरार हो जाते है। सीसीटीवी कैमरा में दोनों कथित हमलावरों की पीटने की घिनौनी करतूत कैद हो जाती है। 

आईए…जानिए, किन- किन धारा के अधीन मामला दर्ज हुआ…?

वरिष्ठ पत्रकार भल्ला की शिकायत पर थाना सिविल लाईन पुलिस ने कथित अपराधी पुलिस अधिकारी मंदीप तथा सुरजीत सिंह के खिलाफ थाना सिविल लाईन में एफआईआर संख्या 233, दिनाक 1अगस्त 20025 को बीएनएसएस की धारा 115 (2),  धारा 118 (2),  धारा 115(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। 

समझिए, इस रिपोर्ट में धारा का मतलब….?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) के अनुसार, किसी को स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, 1 वर्ष तक के कारावास या ₹10,000 तक के जुर्माने या दोनों ही प्रावधान शामिल, धारा 118 (2)  के अनुसार, जो कोई बताए गए साधनों से स्वेच्छा से आघात करता है, तो उसे आजीवन कारावास या फिर 1 वर्ष से 10 वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जा सकता है। इसके अलावा वह जुर्माने के लिए भी दायी होगा। धारा 3 (5) , इसके अनुसार एक से अधिक को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसकी सजा भी कठोर मानी जाती है।  

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मानव-अधिकार-आयोग ने किस से मांगी रिपोर्ट….पढ़े, इसमें…..?

राष्ट्रीय मानव आयोग ने भल्ला मारपीट मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब पुलिस निदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को एक नोटिस जारी करते हुए 2 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने अपने नोटिस में साफ कहा है कि अब तक की पुलिस जांच रिपोर्ट तथा पीड़ित (पत्रकार) के स्वास्थ्य रिपोर्ट को भी शामिल किया जाए। आयोग ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकार पर 2 पुलिस अधिकारी मारपीट कर रहे है। वह हमला तब तक जारी रखते है, जब तक पत्रकार बेसुध होकर नहीं गिर जाता है। 

आयोग ने इस बात का भी हवाला दिया कि अगर समाचार रिपोर्ट की समाग्री वाक्य सत्य है तो यह सरासर मानवाधिकारियों के अधिकारों का उल्लंघन है। उक्त अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया था। 

पकड़ने के लिए अलग-अलग टीम तैनात…..फिर भी है फरार

कथित अपराधियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीम तैनात की गई। सोमवार बठिंडा स्थित दोनों कथित पुलिस अधिकारियों के आवास पर छापेमारी की गई, लेकिन, वे वहां पर नहीं मिले। परिवार से पूछताछ की गई। मंगलवार सुबह से डीएसपी संजीव कुमार के नेतृत्व में एक टीम उन्हें पकड़ने के लिए बटाला से निकल चुकी है। उम्मीद करते है कि दोनों को जल्द पकड़ लिया जाए। पकड़ने के लिए तकनीकी सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उधर, डीएसपी संजीव कुमार तथा एसएसपी बटाला सुहेल कासिम मीर से संपर्क किया तो नहीं हो पाया”। 

थाना सिविल लाईन प्रभारी…..एसआई निर्मल सिंह। 

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