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भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दोरांगला सेक्टर में स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने के मामले के बाद पूरे सूबे में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं। मौके से पुलिस को 6 खाली खोल भी बरामद हुए हैं, जिससे अंदेशा है कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।
अधिकारियों के अनुसार, यह चौकी पंजाब पुलिस द्वारा बीएसएफ के साथ समन्वय में संचालित की जाती है और इसे सुरक्षा की दूसरी पंक्ति माना जाता है। घटनास्थल भारत-पाक सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। प्रारंभिक स्तर पर जांच एजेंसियां कई एंगल पर पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि देर रात सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई गई किसी अवैध खेप को उठाने पहुंचे संदिग्धों का सामना पुलिसकर्मियों से हुआ हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। संगठित तस्करी नेटवर्क, आपराधिक गिरोह और संभावित घुसपैठ की संभावना भी जांच के दायरे में है।
शुरुआत में आशंका थी कि एएसआई ने पहले होमगार्ड जवान को गोली मारकर खुदकुशी कर ली हो। लेकिन जांच में पाया गया कि एएसआई की कार्बाइन में गोलियां पूरी थीं। इससे यह एंगल कमजोर पड़ गया है। चौकी पाकिस्तान सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर होने के कारण आतंकी हमले की आशंका भी जताई गई। बीएसएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस का कहना है कि अगर आतंकी हमला होता तो हथियार भी ले जाए जाते। कार्बाइन मौके पर ही मिली है। हालिया हत्याओं के बाद गैंगस्टरों द्वारा पुलिस पर आरोप लगाए गए थे
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य और केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मुद्दे पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। सीमावर्ती क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात दो जवानों की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि इस दोहरे हत्याकांड की परतें कब और कैसे खुलती हैं।
पंजाब पुलिस के दो कर्मियों की हत्या पर शिरोमणि अकाली दल ने चिंता जाहिर की है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सीमावर्ती जिले में इस तरह की घटना कई तरह के सवाल खड़े करती है। इन हत्याओं पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं जबकि इनकी गंभीरता से जांच करने की आवश्यकता है। मजीठिया ने कहा कि इस घटना की सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि डीजीपी को तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए।

