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पंजाब के लुधियाना में हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर अमित डागर को ले जा रही पुलिस की गाड़ी पलट गई। इसमें अमित डागर की दोनों टांगें टूट गईं, जबकि 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए रायकोट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को गैंगस्टर को मुल्लांपुर दाखा थाने में लाया गया। जहां से उसे लुधियाना कोर्ट में पेशी के लिए ले गए। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अमित डागर पर 50 से अधिक मामले दर्ज हैं।अमित डागर को 9 जनवरी को बद्दोवाल स्थित एक लग्जरी कार शोरूम पर फायरिंग के मामले में 19 जनवरी को झज्जर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था।
इससे पहले गुरुग्राम से गैंगस्टर कौशल चौधरी को प्रोडक्शन वारंट पर लुधियाना लाया गया था। उसने थाने से भागने की कोशिश की थी। इस दौरान उसकी भी टांगें टूट गई थीं। सूत्रों के मुताबिक कौशल ने ही पूछताछ में अमित का नाम लिया था।

हरियाणा का गैंगस्टर अमित डागर, जिसकी दोनों टांगें टूट गईं।
डीएसपी वरिंदरजीत सिंह खोसा ने बताया कि बीती रात पूछताछ के लिए जब अमित डागर को CIA से मुल्लांपुर दाखा थाना ले जाया जा रहा था तो चौकीमान टोल प्लाजा के पास गाड़ी का टायर फट गया। गाड़ी 2 से 3 बार पलटी। पुलिस के भी 3 से 4 मुलाजिमों को चोटें आई हैं। डीएसपी वरिंदजीत सिंह खोसा ने कहा कि कार शोरूम के बाहर जो फायरिंग हुई थी, उस मामले में अमित डागर को प्रोडक्शन वारंट पर लाए थे। पहले इसका चार दिन का रिमांड मिला ता। शुक्रवार को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

कड़ी सुरक्षा के बीच गैंगस्टर अमित को लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा थाने में लाया गया।
पुलिस के मुताबिक, अमित डागर वही गैंगस्टर है, जिसने खुद को बड़ा गैंगस्टर साबित करने के लिए लॉरेंस से ही 5 करोड़ की फिरौती मांग ली थी। फिरौती ना देने पर अमित डागर के गुर्गों ने लॉरेंस के साथ संबंध रखने वाली एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी की जयपुर में हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि तब लॉरेंस ने 5 करोड़ रुपए की फिरौती भी अमित डागर को दे दी थी
इसका खुलासा जून, 2022 में राजस्थान के धौलपुर से पकड़े गए लॉरेंस गैंग के दो गुर्गों गंगाराम ओर संदीप ने किया था। साल 2021 में युवा अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद से ही लॉरेंस और अमित डागर के बीच विवाद चल रहा था। इसके बाद से ही लॉरेंस गैंग अमित डागर की हत्या करना चाहता था। इसकी जिम्मेदारी गंगाराम ओर संदीप को दी गई थी।
दोनों ने अमित डागर की पंजाब में रेकी की थी। मगर, इससे पहले ही पुलिस ने मिड्डूखेड़ा की हत्या के केस में अमित डागर और भूप्पी राणा को गिरफ्तार कर लिया और मोहाली लेकर आ गई थी। ऐसे में अमित डागर के मर्डर की साजिश को टाल दिया गया था। पुलिस के अनुसार, अमित डागर कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी का सहयोगी है। कौशल चौधरी पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि जेल में बंद होने के बावजूद कौशल चौधरी और अमित डागर अपने नेटवर्क के जरिए रंगदारी और अवैध वसूली कर रहे हैं।

लॉरेंस गैंग अमित डागर की हत्या करना चाहता था।- फाइल फोटो
सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गैंगस्टर अमित डागर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। डागर ने याचिका में अपील की थी कि उसे जेल से बाहर जांच के लिए या अदालत में पेश करने ले जाते समय बुलेट प्रूफ जैकेट और बुलेट प्रूफ वाहन का इस्तेमाल करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया जाए।

