वरिष्ठ पत्रकार.लुधियाना।
गांव कटाणी कलां में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को 15 अक्तूबर तक गांव खाली करना होगा। इसके अलावा गांव के लोगों को भी कहा गया है कि कोई भी अपना अपना घर या दुकान पर प्रवासी मजदूरों को किराए पर न दे। इस प्रस्ताव के बाद कई प्रवासी मजदूर गांव छोड़ कर चले गए हैं। कई अभी वहीं रुके हैं। यह फैसला ग्राम पंचायत ने एक संशोधन पारित कर किया। यह मामला, पंजाब के लुधियाना से जुड़ा है। बताया जाता है कि वहां पर काफी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते है।
जानिए, पंचायत का क्या है फैसला
सरपंच मंजीत सिंह ने बताया कि गांव की ग्राम सभा द्वारा 7 बिंदु जारी किए गए है।
1) कोई भी गांववासी प्रवासी मजदूरों को या फिर प्रवासी पंजाबियों को मकान या फिर दुकान किराए पर न दे। जिन्होंने दे रखी है वह खाली करवाए।
2) गांव में दुकानदार प्लास्टिक के लिफाफे न दे नहीं तो 10 अक्तूबर तक 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
3) जो लोग गांव में शादी करवा रहे हैं उन्हें गांव से बायकॉट किया जाएगा।
4) गांव में किसी ने भी गांव की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है वह खुद ही सामान उठवा ले नहीं तो उसका सामान गांव की पंचायत उठाएगी।
5) प्रवासी या प्रवासी पंजाबी गांव में पक्का घर लेकर रह रहा है अगर उनकी तरफ से कोई क्राइम किया जाता है तो उन्हें घर छोड़ना पड़ेगा या फिर वह खुद ही घर को ताला लगाकर चला जाए।
6) अगर 15 अक्तूबर तक नशा बिकना बंद न हुआ तो गुरुद्वारा साहिब में उनके नाम स्पीकर कर बोले जाएंगे नहीं तो वह खुद ही सुधर जाएं।
7) इसके साथ साथ यह भी एलान किया गया है कि 26 अक्तूबर को अगला इजलास बुलाया जाएगा ताकि आगे के फैसले लिए जा सके।
उधर, एडीसीपी मंदीप सिंह ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है। हर गांव में पुलिस की टीमें गश्त कर रही हैं। ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। अगर ऐसी कोई बात है तो पता लगाया जाएगा। सीनियर अधिकारियों से बात की जाएगी और आगे की कार्रवाई जरूर की जाएगी।

