पिछले दिनों राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की टीम की दबिश ने बटाला से लेकर पंजाब को हिला दिया। ताजुब की बात है कि गुनहगार चूहे की बिल से बाहर आकर लोगों को अब यह समझा रहा है कि टीम की कोई दबिश नहीं हुई। अफवाह की बात का सहारा एवं मीडिया के नकारे पत्रकार तथा पुलिस के एक अधिकारी का सहयोग लेकर उस पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं। हैरान करने वाली बात तो यह है कि एनआईए की जांच में पुलिस किसी प्रकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी सकती हैं। लेकिन, इस मामले में पुलिस का एक अधिकारी अपनी प्रतिक्रिया दे रहा हैं। कल को जांच की प्रक्रिया में किसी प्रकार से कोई अड़चन या फिर जांच में विलंब पैदा होती है तो उसके लिए पूरे पुलिस विभाग की जिम्मेदारी तय हो सकती हैं।
देश की मीडिया के सबसे बड़े घरानों ने बटाला के एक निजी अस्पताल में हुई दबिश को लेकर पक्के सूत्रों के आधार पर अपने चैनल तथा अखबार में चलाया। हर किसी के पास पुख्ता सबूत भी थे। इस बीच एक चूहे के बिल से बाहर आकर अपना स्पष्टीकरण देने लग पड़ा कि कोई रेड नहीं हुई। यह सरासर अफवाह थी। इतना ही नहीं, उसने एक मीडिया से नकारे एवं येलो पत्रकारिता के माहिर का सहारा लेकर खबर लगवाने के लिए विवश किया। इतना ही नहीं एक पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया ली गई कि एनआईए टीम की कोई दबिश नहीं हुई। यह एक प्रकार से अफवाह थी। पता नहीं उक्त अधिकारी की क्या मजबूरी रही जो उसने इस प्रकार का बयान एक मीडियाकर्मी को दे दिया।
मामला दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मौत के उपरांत जांच में कई कड़िया एक-दूसरे के साथ जोड़ी गई तो पिछले वर्ष गैंगस्टर राणा कंदोवालिया की हत्या में शामिल गुनहगारों को बटाला के निजी अस्पताल में पुलिस को बिना सूचना दिए इलाज करने के आरोप लगे। मामला एनआईए के पास पहुंचा तो उन्होंने, इस केस के संबंध में रेड की। बताया जा रहा है कि अस्पताल रिकार्ड भी जब्त किया गया। रेड काफी गोपनीय तरीके से हुई, इसलिए गुनहगार खुद ही बाहर आकर लोगों को अपना स्पष्टीकरण दे रहा है कि यह पूर्ण रूप से अफवाह हैं।
इस मामले को लेकर बटाला का एक पत्रकार अब राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (आईबी) की रडार पर आ चुका हैं। पिछले दिनों अपनी पत्रकारिता की धौंस जमाकर एक नामचीन डॉक्टर से शिकायत वापस लेने के लिए 5 लाख रुपए की मांग की थी। इतना ही नहीं, इस मामले में राजनीति से जुड़े उच्च नेताओं का नाम भी शामिल हैं। वह सब आईबी की रडार पर हैं। कभी भी उक्त पत्रकार आईबी के हत्थे चढ़ सकता हैं। कयास, इस बात के भी लगाए जा रहे है कि उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा सकता हैं।
नितिन धवन की कलम से….. एसएनई न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार।

