क्यों, भाजपा ने आप के खिलाफ की नारेबाजी…किस शहर से जुड़ा है मामला, जानिए, इस रिपोर्ट में…?

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वरिष्ठ पत्रकार.लुधियाना। 

नगर निगम जोन-डी में भाजपा के 18 पार्षदों ने मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। अब भाजपा के धरने में कांग्रेस और शिअद ने भी समर्थन देकर मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा भी धरने में पहुंच गए हैं। उन्होंने भी नारेबाजी की।


अश्वनी शर्मा ने कहा कि मेयर के दुर्व्यवहार की निंदा करते है। जब तक मेयर इंद्रजीत कौर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती तब तक यह धरना चलता रहेगा। भाजपा नगर निगम में AAP सरकार की मनमानी को नहीं चलने देंगे। शहर का विकास करवाना और पार्षदों की समस्याओं का हल करना मेयर की प्राथमिकता है। न कि पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार करना। कांग्रेस और अकाली दल के पार्षदों का भाजपा को समर्थन देने से एक बात तो साबित हो गई कि नगर निगम में AAP सरकार के विधायकों का तानाशाही राज है। मेयर विधायकों के कहने पर ही सिर्फ AAP पार्षदों के काम पहल के आधार पर हल करती हैं।


भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल के पार्षदों को नगर निगम में मेयर कोई अहमियत नहीं देती। लेकिन भाजपा ये कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। वार्ड पार्षद जनता के चुने हुए नुमाइंदे होते हैं। अपने वार्ड के विकास के लिए आवाज उठाना एक पार्षद का हक है और मेयर तानाशाही रवैया अपनाकर कर उस हक को छीन नहीं सकती। जिला प्रधान रजनीश धीमान ने कहा कि मेयर का ये आरोप निराधार है कि जिसमें वो भाजपा पार्षदों द्वारा एक महिला को दबाने का दोष लगा रही है । भाजपा पार्षदों ने प्रोटोकॉल में रह कर ही मेयर से बातचीत की। लेकिन जब मेयर की सिक्योरिटी ने पार्षदों के साथ गलत व्यवहार किया तो मजबूरन उनको धरना लगाना पड़ा।


कांग्रेस के जिला प्रधान संजय तलवाड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी की मेयर इंद्रजीत कौर पार्षदों के साथ धक्का शाही नहीं कर सकतीं। लोगों द्वारा जो चुने गए नुमाइंदे हैं, उनके साथ गलत बर्ताव करना राजनीति के उलट है। इस कारण हमारे पार्षद भाजपा के इस धरने में शामिल होकर उनका समर्थन करते हैं। पार्षदों का कहना है कि उनके वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन निगम अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि काम करवाने से पहले अधिकारी पूछते हैं कि आप किस पार्टी से हैं, जिससे साफ तौर पर पक्षपात हो रहा है।


जब पार्षद अपनी शिकायत लेकर मेयर से मिलने पहुंचे, तो उन्होंने कभी बाहर भेजा, कभी अंदर बुलाया और फिर बहस कर उन्हें दफ्तर से बाहर निकलवा दिया। इसी नाराजगी के चलते पार्षदों ने ऐलान किया है कि जब तक मेयर उनसे माफी नहीं मांगते, धरना जारी रहेगा। पार्षद गौरव जीत गोरा ने कहा कि हम लोगों के काम को लेकर मेयर के पास गए थे। लेकिन इस तरह से गलत व्यवहार किया जाना सहन नहीं होगा। यदि एक महिला से मेयर का पद नहीं संभाला जा रहा तो किसी और को काम करने का उन्हें मौका देना चाहिए। हम मेयर के पद का सम्मान करते हैं। लेकिन यदि मेयर को ऐसा लगा कि हमने कुछ गलत कहा तो हमारी भी इज्जत है।


उधर, भाजपा के जिला प्रधान रजनीश धीमान ने कहा- मेयर इंद्रजीत कौर विधायकों की शह पर इस तरह का बर्ताव कर रही हैं। यदि उन्होंने माफी नहीं मांगी तो भाजपा इसी तरह से डटकर इस धक्केशाही का विरोध करती रहेगी।


पूरा मामला


कल 1 अगस्त नगर निगम जोन-डी में भाजपा के 18 पार्षदों ने मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर से मिल कर अपनी समस्याएं बताने गए थे। लेकिन मेयर और पार्षदों के बीच बहस बाजी हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि मेयर के दफ्तर के बाहर मौजूद सिक्योरिटी ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। इतने में गुस्साए भाजपा पार्षदों ने मेयर के दफ्तर के अंदर ही नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्डों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे। अधिकारी धक्केशाही पर उतारु हो चुके हैं। आज मेयर से मिलने वह पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने कभी बाहर भेजा, कभी अंदर बुलाया और आखिर में बहस कर उन्हें दफ्तर से निकलवा दिया। इस कारण वह तब तक मेयर के खिलाफ धरना देंगे, जब तक वह माफी नहीं मांग लेतीं।


उधर, मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा- आज भाजपा के समस्त पार्षद अपनी समस्याएं बताने की बात कहकर दफ्तर में आये थे। लेकिन इस दौरान कुछ पार्षद ऊंची आवाज में बहसबाजी करने लगे। उनकी आवाज सुनकर सिक्योरिटी अंदर आ गई। जिन्होंने मामला संभाला और शोर मचा रहे पार्षदों को समझाया। किसी पार्षद को दफ्तर से बाहर नहीं निकाला गया। पहले से कुछ पार्षद समस्या बताने नही बल्कि माहौल खराब करने आये थे। किसी भी वार्ड में विकास कार्य को रुकने नहीं दिया जा रहा।

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