वरिष्ठ पत्रकार.लुधियाना।
फिर से एक खाकीधारी अधिकारी ने पूरे विभाग को शर्मसार कर दिया। मामला, पंजाब के जिला लुधियाना से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक अधीक्षक को नशे के मामले में गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं, उसका साथ देने वाले 2 हवालाती भी पकड़े गए। प्राथमिक जांच पड़ताल में सामने आया कि उक्त कथित अपराधी जेल में नशा सप्लाई करने का काम करता था। इतना ही नहीं वह नशे को LED लाइट की बॉडी में डबल टेप लगाकर नशा छुपा कर जेल में लेकर जाता था, ताकि वह किसी से तरह से गिरफ्तार नहीं हो पाए। जब वह पकड़ा गया तो उसने सारा सच उगल दिया। गिरफ्तारी पुलिस की एक विशेष टीम ने की।
यही नहीं, हैरान करने वाली बात यह है कि जब पुलिस असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को कोर्ट में पेशी पर लाई तो उसकी हथकड़ी नहीं लगाई, ताकि मीडिया उसकी पहचान न कर सके। मगर, जब फोटो खींची गई तो असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट मुंह छुपाने की कोशिश करता रहा।
जानिए, क्या था पूरा मामला
लुधियाना सेंट्रल जेल में DSP सिक्योरिटी जगजीत सिंह ने शनिवार की दोपहर 3:30 बजे सीआरपीएफ के कर्मचारियों के साथ चेकिंग की थी। इस दौरान जेल की बैरक के बाहर एक LED लगी हुई थी। इसकी जांच की गई तो बॉडी के साथ डबल टेप से चिपकाया गया नशीला पदार्थ बरामद हुआ। यह देख चेकिंग टीम के होश उड़ गए। 84 ग्राम भूरे रंग का नशीला पदार्थ, 121 ग्राम काले रंग का नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके अलावा 10 मोबाइल फोन मिले। इन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। वहां मौजूद जेल कर्मचारियों से इसके बारे में पूछा गया, लेकिन कोई भी इसके बारे में जवाब नहीं दे सका।
इसके बाद सख्ती से जांच की गई तो सामने आया कि ये सारा सामान जेल में बंद दो हवालातियों फिरोजदीन और दीपक का था। दोनों ने जेल के नियमों का उल्लंघन करते हुए यह साजिश रची थी। हवालाती फिरोजदीन गांव टल्लेवाल और हवालाती दीपक लेबर कालोनी निवासी जवाहर नगर कैंप का रहने वाला है। इसके बाद दोनों हवालातियों से पूछताछ की गई।
दोनों हवालातियों ने बताया कि यह सामान असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट सुखविंदर सिंह के माध्यम से जेल में पहुंचाया गया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और मामले को लेकर जेल असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट से पूछताछ की। पता चला कि यह नशीला पदार्थ असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ने चिपकाया था। उन्होंने चार लोगों की मदद से इस एलईडी को अंदर रखवाया था। सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर इसका पता चला।

