वरिष्ठ पत्रकार.लुधियाना।
पंजाब में रंगदारी और फायरिंग की वारदातों को अंजाम देने के लिए जेल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। लुधियाना में रोहित गोदारा गैंग के शूटरों के साथ हुए एनकाउंटर के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठा गैंगस्टर रोहित गोदारा फिरोजपुर जेल में बंद अपने गुर्गे शुभम ग्रोवर के जरिये शूटर हायर कर रहा था।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि शुभम ग्रोवर सीधे तौर पर रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा हैऔर उसी के जरिये अलग-अलग शहरों में व्यापारियों से रंगदारी की मांग की जा रही थी। लुधियाना के सिविल सिटी इलाके में कपड़ा व्यापारी हिमांशु से 50 लाख की रंगदारी भी इसी नेटवर्क के तहत मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर कपड़ा व्यापारी की दुकान पर फायरिंग करवाई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों शूटरों को दबोच लिया है। दो शूटर पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक को पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित उर्फ अलट्रोन उर्फ टुंडा, संजू और सुमित कुमार के रूप में हुई है। संजू और सुमित कुमार फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर होने के कारण उनसे पूछताछ नहीं हो सकी। पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किए गए सुमित उर्फ टुंडा को थाने लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उसके जरिये गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों, खासकर महेंद्र ढेलाणा के बारे में अहम जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों शूटरों में से दो की उम्र मात्र 19 साल है, जबकि एक 21 साल का है। सुमित उर्फ टुंडा (21), संजू (19) और सुमित कुमार (19) वर्ष का है। साफ है कि छोटी उम्र में ही युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से ही हत्या की कोशिश, लूट, छीना-झपटी और नशा तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पुलिस जेल से संचालित हो रहे इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

