SENIOR JOURNALIST.LUDHIANA.
एक बात तो साफ हो चुकी है कि लुधियाना को बम धमाकों से दहलाने के लिए पाकिस्तान से आदेश आया था। यह आदेश जसबीर चौधरी ने दिया था। उसके संपर्क में भारतीय आतंकी सोशल मीडिया की ऐप के माध्यम से जुड़े थे। बताया जा रहा है कि इस मामले में बिहार से हर्ष ओझा नामक युवक को हिरासत में लिया गया। उसे लुधियाना में ग्रेनेड से धमाका करने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन, उससे पूर्व ही उसके अन्य साथियों को पुलिस ने एक-एक कर पकड़ लिया। पकड़ा गया कथित अपराधी 19 वर्ष का बताया जा रहा हैं। जबकि, परिवार ने उसे नाबालिग बताते हुए, पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए है।

….जानिए, कौन है हर्ष ओझा, कैसे अपराधी की दुनिया में रखा कदम
ओझा एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। मां-बाप का निधन हो चुका है। घर में उसकी एक बहन है। वही इसी साल जिला परीक्षा में प्रथम स्थान पर रहीं। परिवार के मुताबिक, बचपन से ही हर्ष गैंगस्टर बनने का शौक रखता था, इसलिए, उसने अपराध की दुनिया में कदम रख लिया। अंग्रेजी स्कूल में दाखिला कराया, लेकिन, बुरी संगत की वजह से पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया।
घर से भाग कर दिल्ली चला गया। वहां पर सोशल मीडिया में हथियारों के साथ फोटो अपलोड किया तो साइबर सेल ने उसे पकड़ लिया। तिहाड़ बाल सुधार-गृह भेजा दिया गया। वहां से पुलिस को गच्चा देकर भाग गया। कुछ समय पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया। जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपराधियों के साथ उठने बैठने लगा। तंग आकर परिवार ने उसे बेदखल कर दिया।
कैसे और किसने पाकिस्तानी हैंडलर से मुलाकात कराई…समझिए, खास रिपोर्ट में…..?
बताया जा रहा है कि हर्ष की पाकिस्तानी हैंडलर से मुलाकात उसके एक करीबी दोस्त राहुल ने कराई थी। इस समय राहुल लखनऊ जेल में बंद है। इससे पहले ग्रेनेड धमाका का काम फिरोजपुर के रहने वाले शमशेर सिंह को दिया गया था। लेकिन, वह मुठभेड़ उपरांत पकड़ा गया। हर्ष की पाकिस्तानी हैंडलर से बातचीत सोशल मीडिया की ऐप के माध्यम से होती रही हैं। इस काम के लिए उसे कितने पैसे मिले है, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया।
..ऐसे हुई गिरफ्तारी
सोमवार की अल सुबह लुधियाना की विशेष टीम बिहार पहुंची। भोजपुर की स्थानीय पुलिस की मदद से उसके घर रेड की गई। उस दौरान वह घर पर ही उपस्थित था। उसे पुलिस की भनक लगी तो फरार होने लगा। लेकिन, पुलिस द्वारा एनकाउंटर के डर की वजह से उसने सरेंडर कर दिया।

