वरिष्ठ पत्रकार.लुधियाना।
नौकरी करने रूस गए लुधियाना के 21 वर्षीय नौजवान समरजीत सिंह को रुस की सेना ने अब उसे युद्ध के मैदान में धकेल दिया। पीछे से सिंह पंजाब के लुधियाना का रहने वाला है। समरजीत के पिता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से यह अपील की है कि उनके बेटे की हर हाल में सकुशल वापसी कराई जाए। अब देखना होगा भारतीय सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है। पता चला है कि पीड़ित परिवार का हाल रो-रोकर बुरा हो चुका है।
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल ह रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो समरजीत सिंह का है। उस वीडियो में साफतौर पर पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई युवक दिखाई दे रहे हैं। सभी रूसी सेना की वर्दी में नजर आ रहे हैं और भारत सरकार से इस बात की गुहार लगा रहे है कि उन्हें युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। वीडियो में नौजवानों ने कहा कि उन्हें धोखे से रूस बुलाकर युद्ध में झोंक दिया गया है। खाना-पानी तक पर्याप्त नहीं दिया जा रहा और उनकी हालत बेहद खराब है।
…जानिए, क्या था पूरा मामला
समरजीत सिंह के पिता चरनजीत सिंह जो मोहल्ला अमरपुरी, डाबा गांव (लुधियाना) में एक छोटी किराने की दुकान चलाते हैं, का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई और काम के लिए जुलाई में मॉस्को गया था। बेटे ने क्लास 12 के बाद एक्स-रे टेक्नीशियन का डिप्लोमा किया और लुधियाना के निजी अस्पतालों में नौकरी भी की। आगे पढ़ाई के लिए और बेहतर काम की तलाश में वह रूस गया। लेकिन वहां धोखे से उसे हथियार थमा दिए गए और सेना में भर्ती कर लिया गया।
कर्ज लेकर भेजा था रूस
बताया जा रहा है कि बेटे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने के लिए पिता ने 10 लाख रुपये कर्ज लिए और जमीन तक गिरवी रख दी। उधर, भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह भारतीय नागरिकों को पहले ही कई बार चेतावनी दे चुका है कि रूस में किसी भी प्रकार की लुभावनी नौकरी के झांसे में न आएं। ऐसे फर्जी एजेंट युवाओं को धोखा देकर सेना में भर्ती करा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि रूस सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है ताकि भारतीय युवाओं को युद्ध क्षेत्र से बाहर निकाला जा सके।

